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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: एक फोन कॉल, सवा दो लाख से अधिक युवाओं ने छोड़ी लत; हेल्पलाइन के 10 वर्ष पूरे

Sun, 31 May 2026 05:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 31 May 2026 05:16 AM IST
सार

अप्रैल 2026 तक देश की इस एकमात्र हेल्पलाइन पर तंबाकू की लत छोड़ने संबंधी करीब एक करोड़ कॉल प्राप्त हुईं।

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World No Tobacco Day: One phone call, over 250,000 young people quit the addiction
आयु वर्ग के आधार पर 18 से 24 वर्ष के युवाओं ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एक फोन कॉल आपकी तंबाकू की आदत दूर कर सकती है। देशभर में सवा दो लाख से अधिक युवा राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा पर संपर्क कर अपनी तंबाकू की लत छोड़ चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में 30 मई 2016 को राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन 1800112356 की शुरुआत हुई थी। इंस्टीट्यूट के निदेशक और राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा के समन्वयक डॉ. राज कुमार ने बताया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर हेल्पलाइन सेवा ने अपने दस वर्ष पूरे कर लिए हैं। 

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अप्रैल 2026 तक देश की इस एकमात्र हेल्पलाइन पर तंबाकू की लत छोड़ने संबंधी करीब एक करोड़ कॉल प्राप्त हुईं। इसकी मदद से 2,32,870 लोग सफलतापूर्वक तंबाकू का सेवन छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में क्विट लाइन ने 6.75 लाख तंबाकू उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण किया और 37 लाख से अधिक काउंसलिंग सत्र संचालित किए। देश में लगभग 26.7 करोड़ तंबाकू उपयोगकर्ता हैं, जो दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
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दिल्ली के 25 हजार से अधिक युवाओं ने लिया परामर्श
राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन पर दिल्ली के 25,310 लोगों ने परामर्श प्राप्त किया। इनमें 79.5 प्रतिशत युवा थे। परामर्श लेने वालों में 32.52 प्रतिशत की आयु 18 से 24 वर्ष और 30.17 प्रतिशत की आयु 25 से 34 वर्ष के बीच थी। वहीं, 5.47 प्रतिशत कॉलर 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के थे। हेल्पलाइन से परामर्श लेने वाले 8,047 लोगों ने सफलतापूर्वक तंबाकू का सेवन छोड़ने में सफलता हासिल की।
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आयुष्मान भारत से एकीकरण की जरूरत
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर क्विट लाइन सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा में तंबाकू मुक्ति प्रशिक्षण को शामिल करने और आयुष्मान भारत योजना के साथ इसके एकीकरण की आवश्यकता है। अब सवाल यह नहीं है कि राष्ट्रीय क्विट लाइन प्रभावी है या नहीं, बल्कि यह है कि इसे वह विस्तार कब मिलेगा जिसकी यह वास्तव में हकदार है। गौरतलब है कि देश में तंबाकू सेवन के कारण हर वर्ष 13.5 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है। यह कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

हर साल 8 से 13 लाख कॉल मिल रहीं
डॉ. राज कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 में क्विट लाइन को 50 हजार से अधिक आईवीआर कॉल प्राप्त हुई थीं, जबकि 2019 में यह संख्या बढ़कर 18 लाख से अधिक हो गई। कोविड-19 महामारी के बाद भी हर वर्ष 8 से 13 लाख कॉल लगातार प्राप्त हो रही हैं। वर्ष 2021 में पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या पहली बार एक लाख के पार पहुंची थी।


18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के 91 हजार से अधिक युवाओं ने छोड़ा तंबाकू
डॉ. राज कुमार के अनुसार, आयु वर्ग के आधार पर 18 से 24 वर्ष के युवाओं ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस आयु वर्ग के 91,933 युवा तंबाकू छोड़ने में सफल रहे। राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा की सफलता दर 34.46 प्रतिशत है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कई सफल क्विट लाइन सेवाओं के बराबर मानी जाती है। सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हुए, जहां 2,09,964 लोगों ने इस सेवा का उपयोग किया।

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