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चिकित्सा उत्पादों पर दिल्ली में शुरू हुआ विश्व सम्मेलन, कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे मौजूद
Tue, 19 Nov 2019 09:25 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 19 Nov 2019 09:25 PM IST
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विश्व सम्मेलन में डॉ. हर्षवर्धन
- फोटो : अमर उजाला
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देश में चिकित्सीय उत्पादों की उपलब्धता सुगम बनाने और टीबी जैसे गंभीर रोगों के वर्ष 2030 तक खात्मे के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य को लेकर विश्व सम्मेलन मंगलवार को होटल ताज पैलेस में शुरू हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में सभी नीतिगत निर्णयों और कार्यक्रमों के बीच स्वास्थ्य को प्रमुख स्थान दिया गया है। विश्व भर में चिकित्सा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मेलन को सार्थक मंच बताया। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी के साथ नवीन विचार और ज्ञान का भंडार स्वास्थ्य देखभाल में महत्वपूर्ण स्तंभ बनता है।
सम्मेलन के उद्घाटन के मौके समय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जाहिद मलिक, भूटान की स्वास्थ्य मंत्री लियोन्पो डेचेन वांगमो, नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री उपेन्द्र यादव, नीति आयोग के स्वास्थ्य से संबंधित सदस्य वी.के. पॉल उपस्थित थे।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि विश्व सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच: सतत विकास लक्ष्य 2030 प्राप्त करना को लेकर स्थिति पेपर 2019, भारत में रोटा वायरस वैक्सीन की सुरक्षा पर श्वेत पत्र, स्मार्ट सुरक्षा निगरानी और जीन थैरेपी, उत्पाद विकास और क्लिनिक परीक्षण पर राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का लोकार्पण किया गया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रभारी सचिव अरूण पांडा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप, स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव अरुण सिंघल, भारत में विश्व स्वास्थ्य सगंठन के प्रतिनिधि डॉ. हेंक वेकेडम, विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक भी मौजूद रहे।
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डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में सभी नीतिगत निर्णयों और कार्यक्रमों के बीच स्वास्थ्य को प्रमुख स्थान दिया गया है। विश्व भर में चिकित्सा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मेलन को सार्थक मंच बताया। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी के साथ नवीन विचार और ज्ञान का भंडार स्वास्थ्य देखभाल में महत्वपूर्ण स्तंभ बनता है।
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सम्मेलन के उद्घाटन के मौके समय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जाहिद मलिक, भूटान की स्वास्थ्य मंत्री लियोन्पो डेचेन वांगमो, नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री उपेन्द्र यादव, नीति आयोग के स्वास्थ्य से संबंधित सदस्य वी.के. पॉल उपस्थित थे।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि विश्व सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच: सतत विकास लक्ष्य 2030 प्राप्त करना को लेकर स्थिति पेपर 2019, भारत में रोटा वायरस वैक्सीन की सुरक्षा पर श्वेत पत्र, स्मार्ट सुरक्षा निगरानी और जीन थैरेपी, उत्पाद विकास और क्लिनिक परीक्षण पर राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का लोकार्पण किया गया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रभारी सचिव अरूण पांडा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप, स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव अरुण सिंघल, भारत में विश्व स्वास्थ्य सगंठन के प्रतिनिधि डॉ. हेंक वेकेडम, विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक भी मौजूद रहे।