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Delhi NCR News: ट्रेनों की लेटलतीफी घटाने के लिए तीसरी-चौथी लाइन का काम होगा तेज
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- तिलक ब्रिज-आनंद विहार के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन के काम को लेकर नई परियोजना पर खर्च होंगे 10.13 करोड़
गाजियाबाद से नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनों की देरी होगी कम
शनि पाथौली
नई दिल्ली। गाजियाबाद की ओर से दिल्ली आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए रेलवे ने तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को गति दी है। इसके तहत रेलवे ने 10.13 करोड़ रुपये के कार्यों की निविदा जारी की है। अगले 12 महीनों में नए ट्रैक बिछाने, रेल लाइनों को जोड़ने और मौजूदा रेल ढांचे में बदलाव से जुड़े कार्य किए जाएंगे। नई लाइनें शुरू होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होने और समयपालन में सुधार की उम्मीद है।
गाजियाबाद, साहिबाबाद और आनंद विहार की ओर से नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनें अक्सर तिलक ब्रिज और आसपास के आउटर पर खड़ी हो जाती हैं। सीमित रेल लाइनों के कारण ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे एक ट्रेन की देरी का असर पीछे चल रही अन्य ट्रेनों पर भी पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना इसी समस्या के समाधान के लिए बनाई गई है।
दो लाइनों पर 220 ट्रेनों का दबाव
वर्तमान में तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच करीब 9.77 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर केवल दो लाइनों से यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन होता है। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 180 यात्री ट्रेनें और 40 मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों की अधिक संख्या और सीमित रेल लाइनों के कारण परिचालन प्रभावित होता है। व्यस्त समय में ट्रेनों को रोकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है।
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छह लाइनों से घटकर दो पर सिमटता है यातायात
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से तिलक ब्रिज तक रेल यातायात के लिए छह लाइनें उपलब्ध हैं, लेकिन तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच केवल दो लाइनें होने से परिचालन की क्षमता सीमित हो जाती है। इस खंड पर हजरत निजामुद्दीन की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों का यातायात भी जुड़ता है। ऐसे में अलग-अलग दिशाओं से आने वाली ट्रेनों को सीमित लाइनों से गुजारना पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
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गाजियाबाद से नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनों की देरी होगी कम
शनि पाथौली
नई दिल्ली। गाजियाबाद की ओर से दिल्ली आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए रेलवे ने तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को गति दी है। इसके तहत रेलवे ने 10.13 करोड़ रुपये के कार्यों की निविदा जारी की है। अगले 12 महीनों में नए ट्रैक बिछाने, रेल लाइनों को जोड़ने और मौजूदा रेल ढांचे में बदलाव से जुड़े कार्य किए जाएंगे। नई लाइनें शुरू होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होने और समयपालन में सुधार की उम्मीद है।
गाजियाबाद, साहिबाबाद और आनंद विहार की ओर से नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनें अक्सर तिलक ब्रिज और आसपास के आउटर पर खड़ी हो जाती हैं। सीमित रेल लाइनों के कारण ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे एक ट्रेन की देरी का असर पीछे चल रही अन्य ट्रेनों पर भी पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना इसी समस्या के समाधान के लिए बनाई गई है।
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दो लाइनों पर 220 ट्रेनों का दबाव
वर्तमान में तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच करीब 9.77 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर केवल दो लाइनों से यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन होता है। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 180 यात्री ट्रेनें और 40 मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों की अधिक संख्या और सीमित रेल लाइनों के कारण परिचालन प्रभावित होता है। व्यस्त समय में ट्रेनों को रोकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है।
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छह लाइनों से घटकर दो पर सिमटता है यातायात
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से तिलक ब्रिज तक रेल यातायात के लिए छह लाइनें उपलब्ध हैं, लेकिन तिलक ब्रिज से आनंद विहार के बीच केवल दो लाइनें होने से परिचालन की क्षमता सीमित हो जाती है। इस खंड पर हजरत निजामुद्दीन की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों का यातायात भी जुड़ता है। ऐसे में अलग-अलग दिशाओं से आने वाली ट्रेनों को सीमित लाइनों से गुजारना पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।