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वह 4 घंटे तक लेबर पेन से तड़पती रही
अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Mon, 13 Jan 2014 03:49 PM IST
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सरकारी अस्पताल दादरी में डिलीवरी कराने पहुंची महिला के उपचार के लिए कोई भी महिला चिकित्सक न होने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
महिला डॉक्टरों के पहुंचने पर ही कार्यकर्ता शांत हुए। रविवार सवेरे दादरी तहसील के कोट गांव से राम मिश्रा की पत्नी रंजीता देवी को डिलीवरी के लिए दादरी के सरकारी अस्पताल लाया गया।
उस वक्त अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक तैनात नहीं थी। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर वहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया।
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आनन-फानन में महिला चिकित्सक को बुलाया गया। डॉक्टरों के आने के बाद ही कार्यकर्ता लौटे। लोगों ने बताया कि अधिकांश समय चिकित्सकों के नदारद होने से लोगों को दिक्कतें होती हैं।
डॉक्टर के गलत इलाज से गई महिला की जान!
दनकौर कस्बे में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दे दी है, हालांकि अभी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
पुलिस ने बताया कि मकनपुर खादर निवासी ओमवीर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी भाभी ब्रजेश (32) की शनिवार शाम अचानक तबीयत खराब हो गई थी। जिसे दनकौर कस्बे के एक क्लीनिक में ले गए। जहां पर डॉक्टर ने ब्रजेश को एक इंजेक्शन लगाया था।
आरोप है कि इंजेक्शन लगने के करीब पांच मिनट बाद ही ब्रजेश की हालत खराब हो गई। डॉक्टर ने उसे ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर, महिला की मौत की सूचना मिलने पर दनकौर कस्बे से आरोपी डॉक्टर क्लीनिक और घर को बंद करके भाग गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यहां भी हो रही इलाज में लापरवाही
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी फरीदाबाद के बीके अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त सुविधाएं नही मिल रही हैं। रविवार को तीन गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ा। किसी को दिल्ली रेफर किया गया। तो किसी की बिना जांच डिलीवरी करवाई गई।
सुभाष चौक निवासी सतवीर ने बताया कि उसकी पत्नी वीना को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसके बाद वह उसे सुबह 7:30 बजे बीके अस्पताल पहुंचे। साढ़े तीन घंटे बाद वीना को बिना जांच दिल्ली रेफर कर दिया गया।
उधर, सुभाष कॉलोनी निवासी मुकेश अपनी पत्नी शिवांगी की डिलीवरी के लिए अस्पताल में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक परेशान घुमते रहे। इलाज के लिए जोर डालने पर उसे भी दिल्ली रेफर कर दिया गया। राधानगर के रामेश्वर ने बताया कि उसकी पत्नी राधा प्रसव के लिए जच्चा-बच्चा वार्ड में सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर करीब 1 बजे तक भटकती रही।
दबाव बनाने पर मौके पर मौजूद नर्स ने ही उसकी पत्नी की डिलीवरी करवा दी। इस मामले पर पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि शिकायतें मिल गई है। संबंधित डॉक्टर से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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महिला डॉक्टरों के पहुंचने पर ही कार्यकर्ता शांत हुए। रविवार सवेरे दादरी तहसील के कोट गांव से राम मिश्रा की पत्नी रंजीता देवी को डिलीवरी के लिए दादरी के सरकारी अस्पताल लाया गया।
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उस वक्त अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक तैनात नहीं थी। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर वहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया।
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आनन-फानन में महिला चिकित्सक को बुलाया गया। डॉक्टरों के आने के बाद ही कार्यकर्ता लौटे। लोगों ने बताया कि अधिकांश समय चिकित्सकों के नदारद होने से लोगों को दिक्कतें होती हैं।
डॉक्टर के गलत इलाज से गई महिला की जान!
दनकौर कस्बे में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दे दी है, हालांकि अभी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
पुलिस ने बताया कि मकनपुर खादर निवासी ओमवीर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी भाभी ब्रजेश (32) की शनिवार शाम अचानक तबीयत खराब हो गई थी। जिसे दनकौर कस्बे के एक क्लीनिक में ले गए। जहां पर डॉक्टर ने ब्रजेश को एक इंजेक्शन लगाया था।
आरोप है कि इंजेक्शन लगने के करीब पांच मिनट बाद ही ब्रजेश की हालत खराब हो गई। डॉक्टर ने उसे ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर, महिला की मौत की सूचना मिलने पर दनकौर कस्बे से आरोपी डॉक्टर क्लीनिक और घर को बंद करके भाग गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यहां भी हो रही इलाज में लापरवाही
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी फरीदाबाद के बीके अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त सुविधाएं नही मिल रही हैं। रविवार को तीन गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ा। किसी को दिल्ली रेफर किया गया। तो किसी की बिना जांच डिलीवरी करवाई गई।
सुभाष चौक निवासी सतवीर ने बताया कि उसकी पत्नी वीना को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसके बाद वह उसे सुबह 7:30 बजे बीके अस्पताल पहुंचे। साढ़े तीन घंटे बाद वीना को बिना जांच दिल्ली रेफर कर दिया गया।
उधर, सुभाष कॉलोनी निवासी मुकेश अपनी पत्नी शिवांगी की डिलीवरी के लिए अस्पताल में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक परेशान घुमते रहे। इलाज के लिए जोर डालने पर उसे भी दिल्ली रेफर कर दिया गया। राधानगर के रामेश्वर ने बताया कि उसकी पत्नी राधा प्रसव के लिए जच्चा-बच्चा वार्ड में सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर करीब 1 बजे तक भटकती रही।
दबाव बनाने पर मौके पर मौजूद नर्स ने ही उसकी पत्नी की डिलीवरी करवा दी। इस मामले पर पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि शिकायतें मिल गई है। संबंधित डॉक्टर से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।