मां तूने ऐसा क्यों किया, अब तुझसे भी डरता हूं मैं मां
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पैरेंट्स के बीच विवाद की सजा सात साल के शिवम को भुगतनी पड़ रही है। बुधवार को पहले उसे उसकी मां और नाना उसे पुराने बस अड्डे पर छोड़ गए। मां की इस निष्ठुरता को देख शिवम बार-बार रोता रहा।
बाद में जब पुलिस ने छानबीन कर पिता को तलाश किया तो उसने यह कहते हुए परवरिश से इनकार कर दिया कि वह कोर्ट के आदेश पर पत्नी को खर्च देता है, इसलिए बेटे की जिम्मेदारी पत्नी की है।
बच्चे को पुलिस ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है। चाइल्ड लाइन में जब मां और पिता के बारे में पूछा जा रहा था तो वह यह नहीं समझ पा रहा था मां ने उसे क्यों छोड़ दिया।
कुछ कपड़े और खिलौने छोड़ गई मां
बच्चे के पास एक पॉलीथिन है, जिसमें कपड़े और कुछ खिलौने हैं। वह तीसरी क्लास में पढ़ता है। एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि बुलंदशहर निवासी विनोद ने दिल्ली में बबीता से नौ साल पहले शादी की थी।
विनोद अब मालीवाड़ा में रहता है, जबकि बबीता दिल्ली में है। दोनों के सात साल का बेटा शिवम है। शादी के पांच साल बाद से दोनों का विवाद चल रहा है।
चार साल से दोनों अलग हैं। शिवम मां के साथ दिल्ली में रहता था। परवरिश के लिए कोर्ट के आदेश पर विनोद बबीता को खर्च देता है।
पिता ने जिम्मेदारी लेने से किया इंकार
एसएचओ ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ दिनों से युवक ने पत्नी को खर्च देना बंद कर दिया, जिसके बाद वह बच्चे को पुराना बस अड्डा पर छोड़कर चली गई।
मासूम से पूछताछ करने पर उसके पिता के घर का एड्रेस पता चला, उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ की गई तो बताया कि वह बेटे की परवरिश के लिए अधिकृत नहीं है, कोर्ट ने परवरिश का जिम्मा पत्नी को सौंपा है।
फिलहाल बच्चे को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। वह गोविंदपुरम स्थित घरौंदा बाल गृह में रह रहा है।