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क्या इसी तैयारी के सहारे दिल्ली जीतेगी भाजपा? CAA पर प्रदर्शन में एलान के बाद भी नहीं पहुंचे नेता
Sun, 12 Jan 2020 06:43 PM IST
अवधेश कुमार
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 12 Jan 2020 06:43 PM IST
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meenakshi lekhi
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली विधानसभा चुनाव हर हाल में जीतना चाहता है। चुनावी तैयारियों में किसी तरह की कमी न रह जाए, इसे देखते हुए पार्टी ने केंद्रीय नेताओं की टीम भी इसमें लगा रखी है। पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर चुनाव प्रभारी के रूप में कामकाज संभाल रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी पार्टी नेताओं में आपसी असंतोष और तालमेल की कमी का आलम यह है कि पार्टी के कार्यक्रमों में भी अव्यवस्था साफ दिखाई पड़ रही है।
पार्टी द्वारा रविवार को आयोजित नागरिकता कानून के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान पार्टी के ही शीर्ष नेता नहीं पहुंचे जबकि इस प्रदर्शन को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को संबोधित करना था। लेकिन तय समय तक कोई भी नेता इस प्रदर्शन को संबोधित करने नहीं पहुंचा। अंततः पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी ने अकेले ही प्रदर्शन को संबोधित किया और किसी तरह कार्यक्रम को संपन्न करवाया।
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पार्टी द्वारा रविवार को आयोजित नागरिकता कानून के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान पार्टी के ही शीर्ष नेता नहीं पहुंचे जबकि इस प्रदर्शन को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को संबोधित करना था। लेकिन तय समय तक कोई भी नेता इस प्रदर्शन को संबोधित करने नहीं पहुंचा। अंततः पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी ने अकेले ही प्रदर्शन को संबोधित किया और किसी तरह कार्यक्रम को संपन्न करवाया।
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पार्टी के लिए सबसे असमंजस की स्थिति तब बनी जब प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी प्रदेश कार्यालय में होने के बाद भी प्रदर्शन को संबोधित करने बाहर नहीं निकले। बाद में वे अपने एक कार्यक्रम के बहाने वहां से चलते बने। पार्टी नेता बाद में रविवार को सबकी अपनी 'व्यस्तता' होने की बात कहकर साख बचाने की कोशिश करते नजर आए। लेकिन इससे पार्टी की किरकिरी होती रही।
बीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पार्टी का कोई शीर्ष नेता क्यों नहीं पहुंचा? इस सवाल पर पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के चरम पर होने के बाद भी पार्टी में अंतर्कलह चरम पर है। पार्टी के कार्यक्रम तय करने के बीच भी आपसी संवाद की कमी है जिसके कारण कार्यक्रम में किसी नेता की उपस्थिति को लेकर भी संशय बना रहता है।
बीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पार्टी का कोई शीर्ष नेता क्यों नहीं पहुंचा? इस सवाल पर पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के चरम पर होने के बाद भी पार्टी में अंतर्कलह चरम पर है। पार्टी के कार्यक्रम तय करने के बीच भी आपसी संवाद की कमी है जिसके कारण कार्यक्रम में किसी नेता की उपस्थिति को लेकर भी संशय बना रहता है।
एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक बताया कि इस प्रदर्शन को केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को भी संबोधित करना था, लेकिन इस बाबत उनसे अंतिम सहमति नहीं ली गई थी। बाद में संपर्क करने पर पाया गया कि वे इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में ही उपलब्ध नहीं थीं।
रविवार को ही प्रसिद्ध क्रिकेटर गौतम गंभीर को एक मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा करना था, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी गौतम गंभीर मीडिया को संबोधित करने नहीं पहुंचे। बाद में मीनाक्षी लेखी ने इस मोर्चे को भी संभाला और मीडिया को संबोधित किया। लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में अव्यवस्था साफ दिखाई पड़ती रही।
रविवार को ही प्रसिद्ध क्रिकेटर गौतम गंभीर को एक मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा करना था, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी गौतम गंभीर मीडिया को संबोधित करने नहीं पहुंचे। बाद में मीनाक्षी लेखी ने इस मोर्चे को भी संभाला और मीडिया को संबोधित किया। लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में अव्यवस्था साफ दिखाई पड़ती रही।