सीएम के निलंबित प्रधान सचिव पर कसेगा ईडी का शिकंजा, दर्ज हो सकता है केस
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दिल्ली सरकार के निलंबित प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार पर प्रवर्तन निदेशालय शिकंजा कसने जा रहा है। ईडी इस मामले में प्रधान सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी।
ईडी मामले की अगर जांच करती है तो भ्रष्टाचार के इस मामले में घोटाले की पूरी रकम आरोपियों से ही वसूल की जाएगी। जिसमें रकम वसूल करने के लिए आरोपियों की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
आईपीसी की धारा 409 के तहत प्रधान सचिव के खिलाफ मामला चलाया जा सकता है। इस मामले में आरोपी को आजीवन कारावास या दस साल की कैद हो सकती है।
कोर्ट ने एक दिन की रिमांड पर भेजे थे आरोपी
हालांकि इससे पहले प्रधान सचिव व छह अन्य को कोर्ट ने रिमांड देने से इनकार कर दिया था। सभी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कहा कि यह मामला विशेष सीबीआई अदालत से संबंधित है, ऐसे में संबंधित अदालत ही रिमांड बढ़ाने या देने पर निर्णय ले सकती है।
सीबीआई ने राजेंद्र सहित सभी सात को पटियाला हाउस स्थित अदालत में रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट शुनाली गुप्ता के समक्ष पेश किया। सीबीआई जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि राजेंद्र सिंह सहित पांच आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर पांच दिन का रिमांड लिया था।
उन्होंने कहा कि इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आईसीएसआईएल के वर्तमान प्रबंध निदेशक आरएस कौशिक व पूर्व प्रबंधक निदेशक जीके नंदा को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा था कि सभी आरोपी घोटाले में लिप्त है। जांच अधिकारी ने कहा कि सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है और कई अहम साक्ष्य सामने आ सकते हैं।