आखिर कब बंद होगा इन मैनहोल का ढक्कन
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नगर पालिका नूंह प्रशासन के लिए न तो अदालत के आदेश कोई मायने रखते है और न ही प्रशासन के। यही कारण है कि ऐसे कई मामले जिन पर अदालत सख्त रुख अपना चुकी है, उन पर नूंह नगर पालिका पूरी लापरवाही की स्थिति में रहती है। ऐसा ही मामला शहर में दर्जनों जगह खुले पडे़ मैनहोल , पानी निकासी के बिना ढके नालों को लेकर सरेआम देखा जा सकता है। शायद प्रशासन की नींद किसी अनहोनी के घटित होने पर ही टूटेगी।
बता दें कि देश की सर्वोच्च न्यायालय खुले मैनहोल पर अपना सत रुख प्रकट कर चुकी है। यहां तक कि न्यायालय ने यूज में न आने वाले कुओं तक को भी ढंक कर बंद करने का निर्देश जारी किया था। निर्देशों को दो साल से अधिक बीत चुके हैं। लेकिन मेवात में अभी तक भी उन पर अमल दिखाई नहीं दिया है।
शहर के गर्ल्स प्राइमरी स्कूल के समक्ष एक मैनहोल खुला हुआ है। मैनहोल पर ढक्कन न होने से उनके इसमें गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। कई बार तो स्कूल स्टाफ के किसी सदस्य को मैनहोल के पास खड़ा होना पड़ता है ताकि बच्चे सुरक्षित निकल सकें।
दिल्ली-अलवर रोड के साथ बने सर्विस रोड पर भी मैनहोल खुले हुए हैं। यहां रोड लाईन का भी कोई प्रबंध नहीं है। रात में ये खुले मैनहोल अधिक खतरनाक हो जाते हैं। कई बाइक सवार तो कभी पैदल चलने वाले बच्चे इनमें गिरकर घायल हो चुके हैं।
शहर के अंदरूनी पानी को बाहर निकालने के लिए बने नालों पर एक या दो बार जालियां रखीं भी गईं। लेकिन इन्हें ढंकने के दो-चार दिन बाद ही चोर इन्हें उखाड़ ले गए। जिसके बाद न तो चोर ही पकडे़ गए और न ही इन्हें फिर से ढकने की सुध ली गई।
वहीं नूंह नगरपालिका की प्रधान सीमा सिंगला का कहना है कि शहर के नालोें की मरम्मत, उन पर ढक्कन लगवाने, सफाई आदि कार्यों के लिए एस्टीमेट बनाया गया है। राशि मंजूर होते ही तुरंत काम कराया जाएगा।
चैक कराकर ढकेंगे
पब्लिक हैल्थ विभाग के एक्स-ई-एन फैजल इब्राहिम ने बताया कि हमारी कोशिश यह रहती है कि कोई मैनहोल खुला न रहे। यदि कहीं ऐसा है तो अभी चैक करा लेते हैं। किसी भी मैनहोल को खुला नहीं छोड़ा जाएगा।