केजरी के व्हाट्सएप नंबर ने खोला जानलेवा खेल का सच
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दिल्ली के लोगों में स्वाईन फ्लू का खौफ बढ़ रहा है 3600 लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। वहीं राज्य सरकार के चिकित्सा विभाग और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय ना होने की वजह से इन अस्पतालों की चांदी हो गई है।
ये निजी अस्पताल स्वाईन फ्लू के मरीजों के नाम पर सरकारी अस्पतालों से जहां एन1 एच1 की दवा तो ले रहे हैं, लेकिन ये दवा मरीजों तक ना पहुंच कर इनके स्टोर रूम में पहुंच रही है। मरीज दोबारा बेहाल होकर सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
यानि एक बड़ा जानवेला गोरखधंधा लापरवाही और समन्वय के अभाव में फलफूल रहा है। इस पूरे मामले के सबसे बड़ा प्रमाण है 41 साल का शख्स ललित भसोद।
ये निजी अस्पतालों की कहानी हैरान करने वाली है
अंग्रेजी अखबार मेल टुडे के हवाले से भसोद जब बीमार हुए तो 29 जनवरी को स्वाईन फ्लू के लक्षणों की वजह से कृष्णा नगर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
मामूली उपचार और स्वाइन फ्लू के टेस्ट के बाद 2 फरवरी को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इसके अगले ही दिन उनमें स्वाईन फ्लू के लक्षण होने की बात सही साबित हुई जिस पर नर्सिंग होम ने स्टॉक ना होने की बात कहकर उनसे सरकारी अस्पताल से दवा लाने के लिए कह दिया।
भीड़ का धक्का खाते भसोद उसके बाद राम मनोहर लोहिया में इलाज कराने चले गए, लेकिन पर्दे के पीछे जो चल रहा था उसकी जानकारी इस शख्स को नहीं हुई। जहां इन्हें स्वाईन फ्लू की दवाई फ्री मिलनी चाहिए थी वहीं अब वो इन्हें खरीदनी पड़ रही थी।
इस तरह से से मिली मामले की जानकारी
अखबार लिखता है कि भसोद को जब राम मनोहर लोहिया अस्पताल में खराब स्थिति देखने को मिली तो उन्होंने सोचा कि अपने मुख्यमंत्री द्वार दिए गए व्हाट्स एप नंबर पर इसकी शिकायत करें। भसोद के द्वारा लिखे गए इस एक टेक्स्ट मैसेज ने मामले को रौशनी में लाकर खड़ा कर दिया।
भसोद बोले उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का फोन आया और उनसे उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। दिल्ली स्वास्थ्य सचिवालय ने इस पूरे मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन से मांगी तो कई और खतरनाक स्थिति सामने आई। अस्पताल ने जो जानकारी सौंपी उसमें वो भसोद के नाम पर दवाईंया लेते रहे।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नर्सिंग होम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जो लोग भी भोले-भाले लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं उनके खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा।