वेबवर्क फ्रॉड केस : जांच व पूछताछ में नहीं खुले कई अहम सुराग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेबवर्क केमालिक अनुराग गर्ग व संदेश वर्मा का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन साबित करने के लिए पुलिस दोनों को फिर से रिमांड पर ले सकती है। इसके लिए सेक्टर-20 पुलिस ने न्यायालय में अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर ली है।
इसी सप्ताह प्रयास किया जाएगा कि दोनों को फिर से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए। उधर, सोमवार को कंपनी के बाहर काफी संख्या में निवेशक पहुंचे। जिन्होंने पैसा वापस करने की अपनी मांग रखी।
गौरतलब है कि 260 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले वेबवर्क कंपनी का निदेशक गौतम बुद्धनगर की लुक्सर जेल में है। शनिवार को रिमांड पूरी हो गई थी। पूछताछ के दौरान इनके ट्रांजेक्शन डिटेल के अलावा कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जिस पर पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
कई और मामले खुल सकते हैं
इसी में अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की भी जानकारी मिली थी, लेकिन रिमांड का समय पूरा होने के कारण पुलिस इसका पता नहीं लगा सकी है। वहीं आयकर विभाग मनी लांड्रिंग मामले में दोनों से पूछताछ का मन बना रही है।
यदि ऐसा होता है तो कई और मामले खुल सकते हैं। नोएडा पुलिस की मानें तो शिकायत करने वालों का करीब 90 से 93 लाख रुपये कंपनी पर बकाया है। साथ ही जो प्लाट दोनों आरोपियों ने निवेशकों से खरीदा था।
उसमें कुछ पैसा इन दोनों का भी लगा था। ऐसे में कई सवाल अब भी आधे अधूरे हैं, जिसके लिए पुलिस को समय चाहिए। पूछताछ के बाद ही इन जैसे सवालों का खुलासा हो सकता है। यदि पुलिस को दोनों की रिमांड मिलती है तो उनसे पूछताछ कर सकती है कि जिन लोगों को कंपनी का हिस्सेदार बनाया गया था, उनका कितना पैसा कंपनी में लगा था। इसके अलावा पैसों का इतना बड़ा ट्रांजेक्शन सिर्फ अपने ही ऊपर खर्च करते थे या इसका कुछ हिस्सा कहीं ओर भी जाता था।