फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Water seeps under the Minto Road bridge as the sewerage system comes to a standstill

सीवरेज सिस्टम ठप होने की वजह से मिंटो रोड पुल के नीचे भरता है पानी

Mon, 20 Jul 2020 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 20 Jul 2020 05:46 AM IST
विज्ञापन
Water seeps under the Minto Road bridge as the sewerage system comes to a standstill
मिंटो रोड पुल - फोटो : अमर उजाला

मिंटो रोड पुल के नीचे दो वर्ष पहले यानी 16 जुलाई 2018 को मूसलाधार बारिश होने के बाद हुए जलभराव में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस डूब गई थी। उस समय भी प्रशासन पर सवाल खड़े हुए थे। जानकारों का कहना है कि मिंटो रोड रेलवे पुल के नीचे पानी की निकासी के लिए बना सीवरेज सिस्टम की ठप हो चुका है। यही वजह है कि हर मानसून में यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है। 

विज्ञापन


मिंटों पुल का निर्माण अंग्रेजों ने किया था। भारत के गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड मिंटो के नाम पर पुल का नामकरण किया गया था। पुल के निर्माण के दौरान यहां पाइपलाइन डाली गई थी जिससे पानी की निकासी की जाती थी। हालांकि, बाद में डीडीयू मार्ग पर कुछ बड़ी इमारतें बनने के बाद इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। यही वजह है कि पानी निकलने के बजाय वापस आ जाता है और यहां बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन जाती है। 
विज्ञापन


पानी की निकासी के लिए जनरेटर पंप की है व्यवस्था
यहां पानी की निकासी के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से जनरेटर पंप की व्यवस्था है। जलभराव होने की स्थिति में यहां इसी पंप से पानी की निकासी की जाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में खासा समय लग जाता है। इससे रास्ते से आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीमा रेखा का भी फंसा है पेच
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) अनुसार मिंटो रोड पुल से कुछ कदमों की दूरी से पहले ही एनडीएमसी की सीमा रेखा खत्म हो जाती है। पुल का रखरखाव उत्तर रेलवे द्वारा किया जाता है और पुल के नीचे से गुजरने वाली सड़क पीडब्ल्यूडी के दायरे में आती है। यही कारण है कि अब तक इसके समाधान के लिए कोई रूपरेखा बनकर तैयार नहीं हो सकी है। वहीं रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुल के रखरखाव का काम उनके पास है जबकि पुल के नीचे का मामला सिविक एजेंसियों के दायरे में आता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed