Voting Concerns : दिल्ली की भीषण गर्मी में मतदान फीसदी बढ़ाना चुनौती, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की अहम बैठक
सीईओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, जल बोर्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों की उपस्थिति रही।
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी कृष्णमूर्ति ने मतदान के दिन संभावित लू की स्थिति की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को विभिन्न एजेंसियों के साथ बैठक की। सीईओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, जल बोर्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों की उपस्थिति रही।
सीईओ ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि मतदान के दिन वोट डालते समय किसी भी मतदाता को लू की स्थिति में असुविधा महसूस न हो। भारतीय मेट्रोलॉजिकल विभाग (आईएमडी) की ओर से लू के पूर्वानुमान के जवाब में कृष्णमूर्ति ने प्रत्येक मतदान केंद्र को सुरक्षित पेयजल, एयर कूलर के साथ उचित छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, आवश्यक चिकित्सा किट और आपूर्ति से लैस करने के लिए कदम उठाने को कहा है। उन्होंने स्थानीय निकायों और स्वास्थ्य विभाग को 25 मई को सभी मतदान स्थलों पर ओआरएस सहित आवश्यक दवाओं से लैस पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
मौसम के मिजाज का पड़ता है असर
आंकड़ों के मुताबिक, ज्यादा गर्मी हो या बरसात, मतदान पर मौसम के मिजाज का असर पड़ता है। दिल्ली में मई में जब भी चुनाव हुए है तब मतदान कम हुआ है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 10 अप्रैल को 65.10 प्रतिशत मतदान हुआ था। पिछले लोकसभा चुनाव में 12 मई को मतदान हुआ था तब दिल्ली में 60.6 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो वर्ष 2019 के मुकाबले साढ़े चार प्रतिशत कम था। इसके पहले मई में हुए चुनावों में मतदान और भी कम रहा था। इस बार दिल्ली में 25 मई को मतदान होगा, तब ज्येष्ठ माह की तपिश शुरू हो जाएगी।
13637 मतदान केंद्र बनाए
दिल्ली में 2,627 स्थानों पर 13,637 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए एक लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों पिक-एंड-ड्रॉप सुविधा दी जाएगी।
लोकसभा चुनावों में मतदान की स्थिति
वर्ष---देश-----दिल्ली --दिल्ली में मतदान
- 2019--67.4--60.6--12 मई
- 2014--66.44--65.10--10 अप्रैल
- 2009--58.13--51.85--07 मई
- 2004--58.07--47.09--10 मई
- 1999--59.99--43.54--सितंबर
- 1998--61.67--51.29--फरवरी
- 1996--57.94--50.62--अप्रैल
- 1991--56.73--48.52--मई
- 1989--61.95--54.30--नवंबर
- 1984--63.56--64.48--दिसंबर
- 1980--56.92---64.89--जनवरी
- 1977--60.49--71.31--मार्च
- 1971--55.27--65.19--मार्च
- 1967--61.04--69.49--फरवरी
- 1962--55.42--68.75--फरवरी
- 1957--45.44--57.29--मार्च
- 1952--44.87--57.92--फरवरी
1999 से बदला था चुनाव का समय
वर्ष 1999 तक लोकसभा चुनाव सितंबर-अक्तूबर में हुआ करते थे। वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में चुनाव अप्रैल-मई में हुए थे। इसके बाद ही चुनाव का समय बदल गया। 1999 में मध्यावधि चुनाव करवाए गए थे। 1998 में इंद्र कुमार गुजराल की सरकार गिरने के बाद भी मध्यावधि चुनाव हुए थे। ये चुनाव फरवरी में 13 दिन के भीतर करवा लिए गए थे।