गले लगना और स्लीवलेस कपड़े पहनना बैन है यहां
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इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से संबद्ध विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के छात्र शुक्रवार को उस समय शॉक लगा जब उनहोंने कॉलेज का तालिबानी आदेशनुमा नोटिस देखा।
कॉलेज के इस आदेश से कॉलेज अथॉरिटी की नीयत और मानसिकता साफ झलकती है। इस कॉलेज ने छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड के साथ ही किस तरह से अपनी भावनाओं को प्रकट नहीं करना है उसका भी तरीका बतलाया है।
दिल्ली के इस नामी स्कूल ने स्टूडेंट्स को स्लीवलेस ड्रेस और छोटे पैंट कैंपस में पहन कर आने से मना कर दिया है। हालांकि छात्रों द्वारा किए जा रहे ऐसे किसी भी दावे को कॉलेज प्रशासन ने नोटिस बोर्ड पर लगे होने से इंकार किया।
(फोटो क्रेडिटः मेल टूडे)
लड़के-लड़कियों का गले लगना भी है मना
बताया जा रहा है कि यह नोटिस कॉलेज के पत्रकारिता विभाग में 17 मार्च को लगी थी जिसे शुक्रवार की सुबह ही हटा लिया गया था। नोटिस बोर्ड पर लगे नोटिस में कुछ ऐसा लिखा थाः 'सोशल फंक्शन को छोड़कर कॉलेज में शॉर्ट पैंट पहनना प्रतिबंधित है।'
'स्लीवलेस ड्रेस, आरपार झलकने वाले कपड़े और ज्यादा बड़े गले के कपड़े कॉलेज में बैन हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक तौर पर गले लगाना, लड़को और लड़कियों का हाथ पकड़ना और या फिर किसी भी तरह का अस्वस्थ व्यवहार या भावनाओं का दिखावा कैंपस में स्ट्रिक्टली मना है।'
जब पत्रकारिता विभाग की निदेशक चारुलता सिंह से जब इस नोटिस के बारे में पूछा गया तो इस पर किसी के भी हस्ताक्षर न होने की बात को इंगित करते हुए इस नोटिस को जारी करने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से नोटिस जारी होने के लिए यह जरूरी होता है कि उसपर मेरे हस्ताक्षर हों।
हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि नोटिस बोर्ड हमेशा लॉक रहता है जिसकी चाबी चारुलता के पास ही रहती है। सूत्र ने ये भी कहा कि किसी के लिए यह मुमकिन नहीं है कि बिना उनकी आज्ञा के वहां कोई भी नोटिस चिपका सके।