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उपद्रव से उजागर हुई चूक, कर्मचारियों ने एक दिन पहले ही किया था प्रदर्शन

Sat, 11 Jun 2016 01:41 AM IST
संदीप वर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
संदीप वर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sat, 11 Jun 2016 01:41 AM IST
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violence exposed administrative omission
यामाहा में तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला

सूरजपुर स्थित यामाहा कंपनी में शुक्रवार सुबह हुए उपद्रव ने प्रशासनिक चूक को एक बार फिर उजागर किया है। हंगामा कर रहे कंपनी के अस्थायी कर्मियों ने बसों में तोड़फोड़ की और वहां से गुजर रहे लोगों पर पत्थर बरसाए।

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हालांकि घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन एक दिन पहले हुए कर्मियों के प्रदर्शन के बाद यदि बातचीत कर उन्हें शांत कर लिया जाता, तो शायद यह नौबत न आती।
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कर्मचारियों की नाराजगी को गंभीरता से न लेने पर बढ़ा हंगामा कई बार नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जान-माल के नुकसान का कारण बन चुका है। वर्ष 2008 में असंतुष्ट कर्मियों ने ग्रेजियानो कंपनी के सीईओ एलके चौधरी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
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वर्ष 2013 में कर्मचारियों की बुलाई हड़ताल में नोएडा फेज-टू और फेज-थ्री में हजारों की संख्या में कर्मियों ने सड़कों पर निकलकर कंपनियों में तोड़फोड़ की थी। इसमें कंपनियों को करोड़ों का नुकसान हुआ था। इस नुकसान के असर से अब तक कई कंपनियां उबर नहीं पाई हैं। वहीं, घटना के बाद कई कंपनियों पर ताले लग गए थे।

कब-कब हुए उपद्रव

violence exposed administrative omission
यामाहा में तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला

बृहस्पतिवार को भी यामाहा कंपनी के कर्मियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर कंपनी से कुछ दूरी पर धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान कंपनी के बाहर पीएसी तैनात कर नाराज कर्मियों को कंपनी के आसपास फटकने नहीं दिया गया।

कंपनी के अलावा प्रशासन द्वारा भी उनकी एक न सुने जाने और कंपनी के आगे विरोध-प्रदर्शन न कर पाने से नाराज अस्थाई कर्मियों का गुस्सा शुक्रवार सुबह कंपनी के गेट पर फूटा। हंगामा कर रहे कर्मियों को हल्का बल प्रयोग कर काबू में तो कर लिया गया, लेकिन नाराज कर्मियों ने वहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव किया और लोगों से अभद्रता भी की।

कंपनी और कर्मियों के बीच में बातचीत हो रही थी। जिला प्रशासन से इस बारे में किसी से बातचीत नहीं हुई है। प्रशासन का कार्य मौके पर शांति व्यवस्था बनाना है। उपद्रव करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाष यादव, एसडीएम सदर

कब-कब हुए उपद्रव
2002 में देबू मोटर्स में नाराज कर्मियों ने हंगामा और तोड़फोड़ किया
2008 में ग्रेजियानो में कर्मियों ने सीईओ की पीट-पीटकर हत्या कर दी
2013 में नोएडा के फेज-टू और फेज-थ्री में कंपनियों में तोड़फोड़ हुई

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