सावधान!: दिल्ली के इस मार्ग पर सबसे ज्यादा तेज गति से फर्राटा भरते हैं वाहन, आंकड़ें देख चौंक जाएंगे आप
दिल्ली में कई प्रमुख सड़के हैं जहां पर वाहन तेज गति से चलती हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से अमर उजाला को विशेष तरह के मिले डाटा से पता लगा है कि धौला कुआं से करोलबाग के बीच वंदेमातरम मार्ग पर वाहन सबसे ज्यादा गति से वाहन फर्राटा भरते हैं।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष सैकड़ों लोग घायल होते हैं और कई लोगों को जान गंवानी पड़ती है। इसके बावजूद चालक तेज गति में वाहन चलाते है और ट्रैफिक नियमों का भी पालन नहीं करते हैं। इसलिए दिल्ली के कुछ प्रमुख रोड पर अगर आप घूमने निकल रहे हैं तो सावधानी से चलें।
इनमें से धौला कुआं से करोलबाग के लिए आने-जाने वाले वंदे मातरम रोड के दोनों कैरिजवे पर सावधानी बरतना सबसे ज्यादा आवश्यक है। इस मार्ग पर पूरी दिल्ली में वाहन सबसे ज्यादा तेज गति से दौड़ते हैं। वहीं, प्रताप नगर के केडी चौक के सिग्नल पर वाहन चालक सबसे ज्यादा रेड लाइट जंप करते हैं। ओवर स्पीडिंग और ट्रैफिक सिग्नल जंप के सबसे ज्यादा चालान इन दोनों रास्तों पर पिछले छह माह में सबसे अधिक हुए हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से अमर उजाला को विशेष तरह के मिले डाटा से पता लगा है कि धौला कुआं से करोलबाग के बीच वंदेमातरम मार्ग पर वाहन सबसे ज्यादा गति से वाहन फर्राटा भरते हैं। इस मार्ग पर 19 सितंबर, 2024 से 18 मार्च, 2025 तक यानि पिछले छह महीने में सबसे ज्यादा 1,62,945 वाहनों का तेज रफ्तार से चलने (ओवर स्पीड) का चालान किया गया है।
इसके बाद दूसरे नंबर पर मुनिरका से वसंतकुंज के बीच स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग है। इस मार्ग पर तेज गति से चलने वाले 1,05,110 वाहनों को पकड़ा गया। तीसरे नंबर पर भजनपुर से सिग्रेचर ब्रिज के बीच स्थित सिग्रेचर बिज्र है। इसी तरह शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन से प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन के बीच स्थित केडी चौक पर लाइट सिग्नल पर वाहन चालक सबसे ज्यादा लाल बत्ती को तोड़ते हैं। पिछले छह महीने में सबसे ज्यादा 95,119 वाहन चालकों के चालान किए गए। दूसरे स्थान पर मॉडल टाउन से विधान सभा के बीच स्थित विश्वविद्यालय लाइट सिग्नल है। यहां पर पिछले छह महीने में 94,465 वाहन चालकों के चालान किए गए।
आएलवीडी व ओएसवीडी कैमरों से होते है चालान
रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरे लाल बत्ती उल्लंघन का पता लगाने के लिए लगाए जाते हैं, वहीं ओवर स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन (ओएसवीडी ) कैमरे ओवर स्पीड उल्लंघन का पता लगाने के लिए लगाए जाते हैं। दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस इन कैमरों को शहर के अंदरूनी और बाहरी इलाकों में लगाती है।
नियमों का पाल करवाने के लिए जगह-जगह ओएसवीडी और आरएलवीडी कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों की बाइक मोबाइल टीमें पेट्रोलिंग के लिए उतारी गई हैं। -अजय चौधरी, विशेष पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक पुलिस