PUCC: QR कोड से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की होगी पहचान, ईंधन भरवाने के दौरान पेट्रोल-सीएनजी पंप पर टीमें होंगी तैनात
प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी प्रमाण पत्र न होने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। नियमों की बार बार अनदेखी करने पर छह महीने के लिए जेल की सजा भी हो सकती है।
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अगर आपके वाहन का नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) नहीं है तो कभी भी चालान हो सकता है। सड़कों पर होने वाले जांच ही नहीं, पेट्रोल या सीएनजी पंप पर भी पीयूसीसी नहीं होने पर वाहनों की क्यूआर कोड से पहचान हो जाएगी। वहीं, प्रमाण पत्र की मियाद खत्म होने पर क्यूआर कोड स्कैन कर वाहनों का चालान भी किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और मंजूरी मिलते ही लागू किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की तरफ से वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए परिवहन विभाग की 56 प्रवर्तन टीमें अलग अलग इलाकों में मुस्तैद हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी किया जा रहा है। प्रवर्तन टीमें बस लेन, ओवरलोडिंग और प्रदूषण के लिए तय मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए प्रवर्तन टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि नियमों का उल्लंघन नहीं किया जा सके।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी प्रमाण पत्र न होने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। नियमों की बार बार अनदेखी करने पर छह महीने के लिए जेल की सजा भी हो सकती है। हर महीने 3.5 लाख से करीब पांच लाख वाहनों के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हर महीने एक-दो हजार चालान किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रवर्तन के लिए टीमें बढ़ाने और तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक कार्रवाई की जा सके।
अनदेखी करने वालों पर रहेगी एप की नजर
परिवहन विभाग की तरफ से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती के लिए एक एप विकसित किया जाएगा। इससे वाहनों पर न केवल नजर रखी जाएगी बल्कि जरूरत के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी होगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अमली जामा पहनाया जाएगा। इसके लागू होने पर किसी भी पंप पर बगैर पीयूसीसी वाले वाहनों की पहचान कर, उन पर जुर्माना किया जाएगा। एप के जरिये पार्किंग, वाहनों के फिटनेस, लेन ड्राइविंग और पीयूसीसी सहित कई परिवहन सुविधाओं को एकीकृत किया जाएगा। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रवर्तन दस्ते के साथ साथ एप की भी नजर रहेगी।