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Single Use Plastic: दिल्ली में एकल उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा खत्म, कार्ययोजना तैयार
Wed, 29 Jun 2022 05:40 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 29 Jun 2022 05:40 AM IST
सार
एक जुलाई से एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से खत्म के लिए दिल्ली ने कार्य योजना तैयार कर ली है। इसके तहत 19 उत्पादों की पहचान की गई है। एकल उपयोग प्लास्टिक को खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स ने प्लास्टिक वेस्ट मॉनिटरिंग डैश बोर्ड बनाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
राजधानी में आगामी एक जुलाई से एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली ने कार्य योजना तैयार कर ली है। योजना के तहत पर्यावरण विभाग, सभी हितधारकों, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), एमसीडी, प्रशासन और शिक्षा विभाग को शामिल किया जाएगा।
दरअसल, दिल्ली में एक जुलाई से एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाना है। इसके तहत 19 उत्पादों की पहचान की गई है। इसमें ईयर बड्स, गुब्बारे, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक के लिए प्लास्टिक की छड़ें, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, मिठाई के बक्सों के चारों ओर लपेटे जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर (100 माइक्रोन से कम) शामिल हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक को खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स ने प्लास्टिक वेस्ट मॉनिटरिंग डैश बोर्ड बनाया है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर संवेदीकरण अभियान भी चलाए जाएंगे। वहीं, पर्यावरण विभाग की ओर से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उल्लंघन करने पर सभी निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, डीलरों के उत्पादन व आपूर्ति को बंद कर दिया जाएगा।
एक अधिकारी के मुताबिक, सभी उत्पादकों को निर्देशित करते हुए नियमित सार्वजनिक नोटिस भी दिए गए हैं और उनसे पुनर्चक्रण के पंजीकरण के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया है। इस कड़ी में बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्रों में जागरूकता शिविर भी लगाए गए हैं।
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राजधानी के 11 जिलों में होगा सर्वेक्षण
डीपीसीसी ने श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च से कचरा फैलाने वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने और प्लास्टिक की मात्रा निर्धारित करने के लिए एक सर्वेक्षण करने के लिए कहा है। सर्वेक्षण में दिल्ली के सभी 11 जिलों को कवर किया जाना है और इसके लिए चार माह का समय दिया गया है। संस्थान को सभी प्रमुख मॉल, बाजार स्थल, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा घर, रेस्तरां, पर्यटन स्थल, पूजा स्थल, कॉलेज, स्कूल, कार्यालय परिसरों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का सर्वेक्षण करना है। साथ ही रेहड़ी पटरी वालों से लेकर स्टॉकिस्टों, खुदरा विक्रेताओं व विक्रेताओं की एक सूची तैयार करनी होगी।
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दरअसल, दिल्ली में एक जुलाई से एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाना है। इसके तहत 19 उत्पादों की पहचान की गई है। इसमें ईयर बड्स, गुब्बारे, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक के लिए प्लास्टिक की छड़ें, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, मिठाई के बक्सों के चारों ओर लपेटे जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर (100 माइक्रोन से कम) शामिल हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक को खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स ने प्लास्टिक वेस्ट मॉनिटरिंग डैश बोर्ड बनाया है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर संवेदीकरण अभियान भी चलाए जाएंगे। वहीं, पर्यावरण विभाग की ओर से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उल्लंघन करने पर सभी निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, डीलरों के उत्पादन व आपूर्ति को बंद कर दिया जाएगा।
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एक अधिकारी के मुताबिक, सभी उत्पादकों को निर्देशित करते हुए नियमित सार्वजनिक नोटिस भी दिए गए हैं और उनसे पुनर्चक्रण के पंजीकरण के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया है। इस कड़ी में बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्रों में जागरूकता शिविर भी लगाए गए हैं।
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राजधानी के 11 जिलों में होगा सर्वेक्षण
डीपीसीसी ने श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च से कचरा फैलाने वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने और प्लास्टिक की मात्रा निर्धारित करने के लिए एक सर्वेक्षण करने के लिए कहा है। सर्वेक्षण में दिल्ली के सभी 11 जिलों को कवर किया जाना है और इसके लिए चार माह का समय दिया गया है। संस्थान को सभी प्रमुख मॉल, बाजार स्थल, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा घर, रेस्तरां, पर्यटन स्थल, पूजा स्थल, कॉलेज, स्कूल, कार्यालय परिसरों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का सर्वेक्षण करना है। साथ ही रेहड़ी पटरी वालों से लेकर स्टॉकिस्टों, खुदरा विक्रेताओं व विक्रेताओं की एक सूची तैयार करनी होगी।