उपहार सिनेमा अग्निकांडः गोपाल अंसल को जाना होगा जेल, भुगतनी होगी बची हुई सजा
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उपहार अग्निकांड मामले में दोषी ठहराए गए गोपाल अंसल की याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन्हें सरेंडर करने के आदेश दिए। अंसल की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने उन्हें उनकी बाकी सजा भुगतने का फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च को हुई सुनवाई में गोपाल अंसल को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया था। गोपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि पुणे में एक इंस्टीट्यूट मे उनका पढ़ाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है, लिहाजा वह नौ और 10 मार्च को उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे में सुनवाई होली की छुट्टी के बाद के लिए टाल दी गई थी जिसपर आज सुनवाई हुई। तब तक के लिए गोपाल को समर्पण करने से छूट मांगी गई थी, जिससे आज सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया।
9 फरवरी को कोर्ट ने गोपाल को 1 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी
जवाब में न्यायमूर्ति रंजन गोगई ने कहा कि इस मामले पर सुनवाई अलग पीठ के समक्ष होनी है। उन्होंने कहा कि मैं अकेले यह निर्णय नहीं ले सकता। बृहस्पतिवार को वह पीठ बैठेगी, तब हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट को गोपाल अंसल (68) की उस याचिका पर भी सुनवाई करनी है जिसमें उन्होंने सुशील अंसल की तरह रियायत देने की गुहार की है। मालूम हो कि गत नौ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई थी जबकि सुशील अंसल के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जेल में गुजारे वक्त को ही सजा मान लिया था।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट उपहार हादसा पीड़ित एसोसिएशन की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा जिसमें सुशील अंसल (76) की सजा में किए गए बदलाव को चुनौती दी गई है।