ये है यूपी का पहला ऐसा अस्पताल जिसमें ऑनलाईन होगी वार्ड की बुकिंग
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जल्द ही जिला अस्पताल के सेमी प्राइवेट वार्ड की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकेगी। फरवरी से ये सुविधा शुरू होने के बाद डिलीवरी डेट के दौरान घर बैठे सेमी प्राइवेट वार्ड की बुकिंग हो जाएगी। अभी तक इस तरह की सुविधा प्रदेश के किसी जिला अस्पताल में नहीं है।
मात्र 150 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सेमी प्राइवेट वार्ड मिल जाएगा। जिला अस्पताल में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू हो गई है। इसके तहत घर बैठे डॉक्टरों को दिखाने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। यहां तक कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने पर मरीज को डॉक्टर को दिखाने का निर्धारित समय तक दिया जाता है, ताकि उनको लाइन में न लगना पड़े।
अब ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों की ओपीडी निशुल्क कर दी गई है। वेबसाइट noidahospitalapp.ohumhealthcare.com पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद अब दूसरे फेज में अस्पताल में बेड, भर्ती मरीज की संख्या, डिस्चार्ज किए गए मरीज की जानकारी ऑनलाइन करने पर काम चल रहा है।
कुछ दिनों में ये काम पूरा हो जाएगा। इसके खत्म होते ही तीसरे फेज में घर बैठे सेमी प्राइवेट वॉर्ड बुकिंग को लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल में बने सेमी प्राइवेट वार्डों में दो-दो बेड हैं। जबकि सामान्य तौर पर एक कमरे में 6 बेड लगाए गए हैं। महिला वार्ड में सबसे ज्यादा सेमी प्राइवेट वार्ड की मांग रहती है।
जिला अस्पताल में हर दिन करीब 10 से 15 डिलीवरी होती हैं। निजी अस्पताल में जाने के बजाय गर्भवती महिलाएं जिला अस्पताल में आने को तवज्जो देती हैं। यहां पर डॉक्टर नॉर्मल डिलीवरी को प्राथमिकता देती हैं।
जटिल केसों में ही ऑपरेशन किया जाता है। सीएमएस डॉ अजेय अग्रवाल ने बताया कि सेमी प्राइवेट बुकिंग चार्ज 150 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लिया जाता है। तीसरे फेज में फरवरी तक ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी जाएगी। इस पर काम चल रहा है।
अस्पताल में बनेगा रैन बसेरा
जिला अस्पताल में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। ओपीडी के सामने बनी बिल्डिंग में रैन बसेरा बनेगा। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में करीब 80 लाख से ऊपर का यूजर चार्ज इकट्ठा हो गया है। यूजर चार्ज से रैन बसेरा में जरूरत की चीजें रखवाई जाएंगी। एक दो दिनों में टेंडर जारी हो जाएगा।
मार्च के बाद सरकार उठाएगी खर्च
अभी जिला अस्पताल का खर्च प्राधिकरण उठा रहा है। हर महीने करीब अस्पताल की दवाइयों से लेकर डॉक्टरों की सैलरी पर 1 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। मार्च से प्राधिकरण के बजाए सरकार अस्पताल का खर्च उठाएगी।
जल्द ही अस्पताल के 300 बेड होने की बातचीत भी शासन स्तर पर चल रही है। वहीं, सेक्टर-39 में बनी रही अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। तीन से चार महीने में बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी।
महंगे इलाज से मिलेगी निजात
नोएडा में निजी अस्पतालों का वर्चस्व है। यहां पर महंगे से महंगे अस्पताल हैं और बिल को लेकर आए दिन विवाद होते रहते हैं। अब जिला अस्पताल में आने वाले समय में 300 बेड की व्यवस्था हो जाएगी, इसके बाद ऐसे विवादों में कमी आएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित होते ही इसमें डॉक्टरों से लेकर अत्याधुनिक मशीनों का भी इंतजाम करना आसान होगा। पास में ही चाइल्ड पीजीआई में भी 300 बेड बनने हैं, हालांकि एम्स इसे टेकओवर करेगा कि नहीं, इस पर बात चल रही है। इसके अलावा सेक्टर-39 में भी जिला अस्पताल की बिल्डिंग तैयार हो रही है, वहां पर 250 बेड बन रहे हैं।
अगर सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल, सेक्टर-39 निर्माणाधीन जिला अस्पताल में शिफ्ट हो गया तो चाइल्ड पीजीआई के पास 600 बेड का इंतजाम हो जाएगा। इससे आने वाले समय में नोएडा के गरीब लोगों के लिए सरकारी चिकित्सा सुविधा मिलना काफी आसान हो जाएगा।