उन्नाव दुष्कर्म केस: पीड़िता के बयान के लिए एम्स में लगी अदालत, आरोपी सेंगर को भी लाया गया
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एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में आज उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के बयान दर्ज हुए। अदालत ने बयान दर्ज कराने के लिए एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में अस्थायी कोर्ट बनाने के आदेश दिए थे। बीते शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एम्स के ट्रॉमा सेंटर में जाकर पीड़िता का बयान दर्ज करने को मंजूरी दी थी।
बलात्कार पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा एम्स पहुंचे थे। मामले के एक प्रमुख आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को इसके लिए एम्स लाया गया। उसके साथ सह-आरोपी शशि सिंह को भी लाया गया और फिर पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक पीड़ित लड़की ने सीबीआई की एफआईआर आरसी 8 यानी रेप वाले केस में आज 3 घंटे में अपना बयान दर्ज कराया। पीड़ित लड़की ने पूरी निडरता से अपना बयान दर्ज कराया। उसके बाद आरोपी कुलदीप सेंगर और शशि सिंह का क्रॉस एग्जामिनेशन चलता रहा।
सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक एम्स में अदालत चली। बीच में आधा घण्टे का लंच ब्रेक हुआ। पूरी कार्यवाही इन कैमरा हुई। गुरुवार को भी आरोपियों क्रॉस एग्जामिनेशन होगा।गुरुवार शाम को एम्स में कोर्ट की कार्यवाही खत्म हो जाएगी।
कोर्ट ने दिए ये आदेश
तीस हजारी कोर्ट के जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने बीते शनिवार को एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को ट्रॉमा सेंटर में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के बयान दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश में कहा गया है कि मामले की सुनवाई खुद न्यायाधीश धर्मेश शर्मा करेंगे। इस दौरान आम लोगों और प्रेस का प्रवेश वर्जित रहेगा।
अदालत ने अपने पिछले आदेश में पीड़िता का ख्याल रखने के लिए अनुभवी नर्स को तैनात करने के लिए कहा था। 28 जुलाई को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। दुष्कर्म के इस मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर आरोपी हैं।
सर्वोच्च अदालत के निर्देश पर पीड़िता को लखनऊ के अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था। उन्नाव कांड से संबंधित मुकदमों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने हाल ही में उच्च न्यायालय को एक पत्र लिखकर एम्स के एक बंद कमरे में अदालत की कार्यवाही कर पीड़ित युवती के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। बीते शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।