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नवादा तिगांव में खोली जाएगी दिव्यांग उपकरण बनाने वाली इकाई

Sat, 26 Nov 2016 07:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 26 Nov 2016 07:52 AM IST
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unit of machines for specially abled will be be open in faridabad
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दिव्यांगजनों की सहायता तथा उनके उत्थान के लिए फरीदाबाद में दो परियोजनाओं की शुरूआत की जायेगी जिनमें कम्पोजिट रिजनल सेंटर तथा दिव्यांगजनों के यंत्रों व उपकरणों के निर्माण के लिए नवादा-तिगांव में एक इकाई स्थापित की जायेगी। यह घोषणा शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की।

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वह सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित किए गए कार्यक्रम में भी यहां लगभग 3000 दिव्यांगजन लाभार्थियों को यंत्र व उपकरण दिए गए थे। इस बार 3500 दिव्यांगजनों को यंत्र व उपकरण दिए जा रहे हैं। इसके लिए वे भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और भारत विकास परिषद के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं।
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उन्होंने सीही गांव का जिक्र करते हुए महान कवि सूरदास का उदाहरण देते हुए कहा कि वे सीही गांव से संबंध रखते थे और उनके नेत्रों की भी रोशनी नहीं थी लेकिन प्रभू श्री कृष्ण की लीला करके उन्होंने अपनी ऊर्जा और चेतना को जागृत किया और एक महान मुकाम तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोई दिव्यांगजन अपनी ऊर्जा और चेतना जागृत करके किसी क्षेत्र में आगे बढ़़ सकता है चाहे वह खेल का क्षेत्र ही क्यों न हो।

उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में देश के चार खिलाडिय़ों ने पदक जीते। जिनमें से दो स्वर्ण, एक रजत तथा एक कांस्य पदक था। हरियाणा की बेटी दीपा मलिक ने पैरालम्पिक में रजत पदक हासिल किया और हरियाणा सरकार ने उन्हें सम्मान स्वरूप चार करोड़ रूपये की राशि देकर पुरस्कृत किया।

उन्होंने बताया कि पानीपत में भी दिव्यांगजनों के लिए एक विद्यालय चलाया जा रहा है। इसके अलावा करनाल में राज्य कौशल विकास एवं रोजगार संस्थान को स्थापित किया जा रहा है ताकि उसमें दिव्यांगजनों को कौशल सिखाया जाए ताकि आने वाले समय में वह अपने कौशल के अनुसार किसी भी क्षेत्र में कार्य कर सके।


60 फीसदी दिव्यांग भी पेंशन के पात्र:
मुख्यमंत्री ने  कहा कि गत एक नवम्बर को दिव्यांगजनों की पेंशन 1600 रूपये की गई है जो देश में सर्वाधिक है। अब 70 प्रतिशत की पात्रता को कम करके 60 प्रतिशत तक के दिव्यांगों को पेंशन देने के लिए पात्र माना गया है। इससे नीचे की प्रतिशतता वाले दिव्यांगों को लाभ देने के लिए राज्य सरकार द्वारा योजनाएं बनाई जा रही हैं। दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति को 700 रूपये से बढ़ाकर 1000 रूपये प्रतिमाह किया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि अब तक पांच लाख से अधिक दिव्यांगजनों को यंत्र और उपकरण वितरित किए जा चुके हैं ताकि उन्हें सशक्त करके समाज की मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण आयोजित करके दिव्यांगजनों को रोजगारपरक बनाया जा रहा है और उन्हें सस्ती दरों पर ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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