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विजय के लिए भाजपा का शंखनाद, मराठी और पूर्वांचली नेताओं के हवाले राजधानी
Fri, 09 Aug 2019 11:19 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 09 Aug 2019 11:19 PM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली की सत्ता से दो दशक से भी लंबे समय से दूर भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में विजय के लिए शंखनाद कर दिया है। चार राज्यों के चुनाव में भले दिल्ली का नंबर सबसे आखिरी है, लेकिन हाईकमान ने शुक्रवार को तीन प्रभारी नियुक्त करने के साथ ही वनवास खत्म करने के जोरदार प्रयास शुरू कर दिए हैं।
हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के बाद दिल्ली में विधानसभा का चुनाव होना है। भाजपा हाईकमान के एक साथ सभी राज्यों में चुनावी तैयारी शुरू करने के फैसले ने दिल्ली भाजपा में भी चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
हरियाणा और झारखंड में दो चुनाव प्रभारी तैनात किए गए हैं। दिल्ली में दो सह के साथ तीन प्रभारी मिलकर पार्टी की नैया पार लगाएंगे। दिल्ली भाजपा से जुड़े नेताओं की मानें तो हाईकमान ने दिल्ली में मराठी और पूर्वांचली नेताओं को चुनाव की जिम्मेदारी दी है।
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स्थानीय नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी न मिलने से कई तरह के कयास भी लग रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान को प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी पर पूरा भरोसा है।
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हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के बाद दिल्ली में विधानसभा का चुनाव होना है। भाजपा हाईकमान के एक साथ सभी राज्यों में चुनावी तैयारी शुरू करने के फैसले ने दिल्ली भाजपा में भी चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
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हरियाणा और झारखंड में दो चुनाव प्रभारी तैनात किए गए हैं। दिल्ली में दो सह के साथ तीन प्रभारी मिलकर पार्टी की नैया पार लगाएंगे। दिल्ली भाजपा से जुड़े नेताओं की मानें तो हाईकमान ने दिल्ली में मराठी और पूर्वांचली नेताओं को चुनाव की जिम्मेदारी दी है।
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स्थानीय नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी न मिलने से कई तरह के कयास भी लग रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान को प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी पर पूरा भरोसा है।
पहले दिल्ली नगर निगम और फिर लोकसभा में सातों सीटें इनकी अध्यक्षता में ही पार्टी ने हासिल की हैं। हाईकमान को विधानसभा चुनाव में भी उनसे कामयाबी पाने की उम्मीद है।
दिल्ली भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि कुछ दिन से चुनाव प्रभारी को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा था। ज्यादातर लोगों का मानना था कि दिल्ली से जुड़े पार्टी के बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन शुक्रवार को सामने आई सूची में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर को चुनाव प्रभारी बनाया गया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और नित्यानंद राय को सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। कहा जा रहा है कि दिल्ली में सिखों और पूर्वांचलियों की बड़ी तादाद को देखते हुए हाईकमान ने यह मास्टर स्ट्रोक खेला है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन के भीतर पार्टी के सदस्यता अभियान की समाप्ति के बाद सभी नए कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली में चुनावी गतिविधियां तेज कर दी जाएंगी।
दिल्ली भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि कुछ दिन से चुनाव प्रभारी को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा था। ज्यादातर लोगों का मानना था कि दिल्ली से जुड़े पार्टी के बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन शुक्रवार को सामने आई सूची में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर को चुनाव प्रभारी बनाया गया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और नित्यानंद राय को सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। कहा जा रहा है कि दिल्ली में सिखों और पूर्वांचलियों की बड़ी तादाद को देखते हुए हाईकमान ने यह मास्टर स्ट्रोक खेला है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन के भीतर पार्टी के सदस्यता अभियान की समाप्ति के बाद सभी नए कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली में चुनावी गतिविधियां तेज कर दी जाएंगी।