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अब घर बैठे मिलेगी कानूनी सहायता

Sat, 30 Aug 2014 07:53 AM IST
राहुल श्याम/अमर उजाला, फरीदाबाद
राहुल श्याम/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 30 Aug 2014 07:53 AM IST
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Under 'Justice at your door' plan volunteers will come to home for problems.

फरीदाबाद में गरीबों व दूरदराज के गांवों में रहने वालों को अब कानूनी सहायता के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। कानून के जानकार खुद आपकी दहलीज पर चल कर आएंगे और घर बैठे उचित मार्गदर्शन व केस लड़ने में सहायता देंगे।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अभी तक जिले में कुल 29 स्थानों में जनता के लिए कानूनी सहायता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

लेकिन अब ‘न्याय आपके द्वार’ योजना के तहत प्राधिकरण के स्वयंसेवी गरीबों व दूर-दराज के गांवों में ऐसे लोगों के घर खुद पहुंचेंगे, जो उचित जानकारी के अभाव में कानूनी मदद नहीं ले पाते या फिर दबंगों व पुलिस प्रताड़ना के डर से अपनी आवाज नहीं उठा पाते।
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जिले में चल रहे केंद्र
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम ने वर्ष 2012 में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत प्रत्येक जिले में प्राइमरी हेल्थ सेंटर की तर्ज पर ‘कानूनी सेवा केंद्र’ शुरू करवाया था। इसके जिला समन्वयक रविंद्र गुप्ता के मुताबिक जिले में कुल 29 स्थानों पर केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनमें 26 केंद्र गांवों में चल रहे हैं, जिनमें तिलपत, पलवली, टिकावली, खेड़ीकलां, भतौला, फरीदपुर, तिगांव, बड़खल, पाली, चांदपुर और प्याला मुख्य हैं। इसके अलावा नीमका जेल, एनएच-5 स्थित बाल सुधार गृह और सेक्टर-12 स्थित डीसी कार्यालय में तीन अन्य केंद्र हैं। आम जनता हेल्प लाइन नंबर-0129-2261898 और टोल फ्री नंबर 18001802057 पर भी सहायता के लिए संपर्क कर सकती है।
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स्वयंसेवी करेंगे मदद
प्राधिकरण अधिक से अधिक संख्या में जनता को लाभ पहुंचाना चाहता है। इसके तहत दूर-दराज के गांवों, स्लम बस्तियों और गरीबों के घर-घर तक पहुंचने के लिए करीब 50 स्वयंसेवियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें कागजी कार्रवाई और केस लड़ने के लिए वकीलों की जानकारी देना भी शामिल है।

कितनों को मिला लाभ
प्राधिकरण से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2013 से इस जुलाई 2014 तक करीब 96 हजार 538 लोगों को 29 केंद्रों पर कानूनी सहायता मुहैया कराई गई।

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