उबर कैब रेप केस : आज आ सकता है कोर्ट का फैसला
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उबर कैब रेप केस में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट मंगलवार को फैसला सुना सकती है। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 7 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामला 5 दिसंबर 2014 को उबर कैब में एमएनसी में काम करने वाली वित्तीय सलाहकार से दुष्कर्म से जुड़ा है। आरोपी शिव कुमार यादव ने पीड़िता समेत अभियोजन के अन्य गवाहों के बयान दोबारा कराने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने आरोपी को पीड़िता समेत 13 गवाहों से दोबारा जिरह करने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस आदेश को पलट दिया था। बचाव पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद 24 सितंबर से जिरह कर रहा था।
पुलिस की जांच शुरुआत से संदेह के दायरे में रही है
बचाव पक्ष ने शिव कुमार यादव पर लगे आरोपों को झूठा व बेबुनियाद बताते हुए पीड़ित पर झूठा बयान देने व साक्ष्य गढ़ने का आरोप लगाया था। पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुये बचाव पक्ष ने कहा कि इस मामले में पुलिस की जांच शुरुआत से संदेह के दायरे में रही है।
पेश मामले में आरोपों को साबित करने के लिये पीड़िता समेत 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए थे। पुलिस ने गवाहों के अलावा मेडिकल व फोरेंसिक साक्ष्य भी पेश किए थे। पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि उसने वसंत विहार से अपने घर इंद्रलोक आने के लिए कैब ली थी।
घर आते समय रास्ते में वह सो गई थी और इस दौरान आरोपी कैब चालक ने घर के नजदीक उतारने के बजाय उसे करीब दो किलोमीटर दूर ले गया और वहां मारपीट की और जान का डर दिखाकर उससे दुष्कर्म किया।