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भाजपा से दो बार सांसद रहे बीएल शर्मा प्रेम का निधन
Sat, 28 Sep 2019 09:42 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 28 Sep 2019 09:42 PM IST
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भाजपा के पूर्व सांसद बीएल शर्मा प्रेम का निधन
- फोटो : Amar Ujala
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पूर्वी दिल्ली से दो बार भाजपा से सांसद रहे बैकुंठ लाल शर्मा प्रेम का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 90 साल के थे। पंजाब के फिरोजपुर में 17 दिसंबर 1929 को उनका जन्म हुआ था। प्रेम पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से 10वीं और 11वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए थे। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए उनके निवास स्थान सी-98, बीके दत्त कॉलोनी, सफदरजंग हवाई अड्डे के सामने में रखा गया है।
रविवार को उनके पार्थिव शरीर को आरके पुरम स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 30 सितंबर को सुबह निगम बोध घाट पर होगा। भाजपा के टिकट पर प्रेम ने कांग्रेस के दिग्गज नेता एचकेएल भगत को हराया था। 1996 के लोकसभा चुनाव में दीपचंद बंधु को हराकर प्रेम दोबारा सांसद बने। 2009 में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश अग्रवाल से हार गए थे।
प्रेम विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री, कुशल संगठक, अखंड हिंदुस्तान परिषद और मोर्चा के संस्थापक थे। पंजाब निवासी प्रेम बाद में सिख हो गए थे। अमृत छकने के बाद उन्होंने अपना नाम शेर सिंह रख लिया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका व्यक्तित्व और स्वभाव टकराने वाला था। प्रेम ने अपना नाम अपने स्वभाव के अनुरूप ही शेर सिंह रखा था।
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रविवार को उनके पार्थिव शरीर को आरके पुरम स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 30 सितंबर को सुबह निगम बोध घाट पर होगा। भाजपा के टिकट पर प्रेम ने कांग्रेस के दिग्गज नेता एचकेएल भगत को हराया था। 1996 के लोकसभा चुनाव में दीपचंद बंधु को हराकर प्रेम दोबारा सांसद बने। 2009 में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश अग्रवाल से हार गए थे।
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प्रेम विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री, कुशल संगठक, अखंड हिंदुस्तान परिषद और मोर्चा के संस्थापक थे। पंजाब निवासी प्रेम बाद में सिख हो गए थे। अमृत छकने के बाद उन्होंने अपना नाम शेर सिंह रख लिया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका व्यक्तित्व और स्वभाव टकराने वाला था। प्रेम ने अपना नाम अपने स्वभाव के अनुरूप ही शेर सिंह रखा था।
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