तुर्कमान गेट हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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तुर्कमान गेट इलाके में रविवार रात रोडरेज में शाहनवाज की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय दोनों आरोपी तीस हजारी अदालत में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे।
इससे पूर्व ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आतिफ उर्फ लाला (26) और शाहदाब (24) के रूप में हुई है। शाहदाब मुख्य आरोपी अमीन पहलवान का बेटा है और घटना के समय कार चला रहा था। पुलिस घटना के मुख्य आरोपी अमीन पहलवान और सलीम की तलाश में दबिश दे रही है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त परमादित्य ने बताया कि शाहदाब व आतिफ को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों तीस हजारी अदालत में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। इससे पूर्व ही पुलिस ने एक सूचना पर दोनों को दबोच लिया।
इन्हीं ने की थी शाहनवाज की हत्या
पुलिस के मुताबिक शाहदाब के उकसावे पर ही आतिफ उर्फ लाला और स्कूटी सवार वसीम और सलीम ने भी बाइक सवार शाहनवाज की पिटाई की थी। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि शाहदाब हर वक्त अपनी कार में रॉड रखता है। जिसका इस्तेमाल मारपीट करने के दौरान करता है।
जांच में पता चला है कि शाहनवाज से मारपीट के दौरान उन लोगों ने मेटल पंच का भी इस्तेमाल किया था। जिसे पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर बरामद करने का प्रयास कर रही है।
मारपीट करने वाला अमीन पहलवान व एक अन्य आरोपी सलीम की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इससे पूर्व पुलिस ने वसीम नाम के एक आरोपी को घटना वाली रात ही गिरफ्तार कर लिया था। जिसे आरोपियों ने अपने घर में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया था।
पिता ने थाना प्रभारी पर मिलीभगत का आरोप लगाया
शहनवाज के पिता सलाउद्दीन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखकर चांदनी महल के थाना प्रभारी अनिल शर्मा को सस्पेंड करने की मांग की है। अनिल शर्मा पर आरोपियों से मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उनके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल की जांच करवाने की मांग की।
पत्र में उन्होंने कहा है कि अनिल शर्मा ने कभी भी आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नही उठाया। साथ ही शाहनवाज के तीन बच्चों के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा की मांग भी की है। लेकिन सलाउद्दीन का कहना है कि उसने मुआवजे की मांग नहीं की है। उसने पुलिस पर षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है।
कोई गवाह नहीं मिला पुलिस को
इसे दिल्ली के लोगों की संवेदनहीनता कहें या फिर दिल्ली पुलिस की कार्यशैली। जाम के दौरान रोडरेज में एक शख्स की हत्या हो गई, लेकिन दिल्ली पुलिस को मौके से कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला। जिस हत्या के बाद रविवार रात से मध्य दिल्ली में कोहराम मचा हुआ है, उसमें दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर के बयान पर दरियागंज थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
रात के समय गुलजार रहने वाले पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट पर रविवार रात भी चहल पहल थी। यहां तक कि वहां वाहनों के रेले की वजह से जाम लगा था। इसी जाम में माता सुंदरी रोड निवासी शाहनवाज की बाइक लुढ़ककर एक आई-20 कार से टकरा गई। इसी बात को लेकर आई-20 में सवार अमीन पहलवान और उसका बेटा शहदाब शहनवाज पर टूट पड़े। उनका साथ देने के लिए स्कूटी पर सवार वसीम, मोहम्मद आतिफ और एक अन्य आ गए और सभी ने मिलकर शाहनवाज को तब तक पीटते रहे, जब तक वह बेसुध होकर गिर नहीं गया।
इस मामले में दरियागंज थाने में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में यह कहना कि मौके पर कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला, काफी हास्यास्पद लगता है। क्योंकि जिस समय घटना हुई, उस दौरान जाम की वजह से काफी लोग वहां थे।
वहीं जिस दौरान मौके पर पुलिस पहुंची सैकड़ों लोग जमा हो चुके थे। ऐसे में लोग अगर आरोपियों के खिलाफ गवाही नहीं दें, तो इसका मतलब साफ है कि आरोपियों का इलाके में खौफ है और यही वजह है कि ऐसे आपराधिक चरित्र के लोगों का हौसला बुलंद होता है।
यहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगता है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के दौरान हड़बड़ाहट दिखाई। पुलिस ने पीड़ित परिवार को विश्वास में नहीं लिया और झगड़े की कॉल पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर के बयान पर मामला दर्ज कर लिया। पुलिसकर्मियों के बयान पर उस समय मामला दर्ज किया जाता है जब पीड़ित का कोई मौजूद न हो और या फिर कोई चश्मदीद न हो।
तोड़फोड़ और आगजनी करने वालों के खिलाफ दंगे का मामला
चांदनी महल थाना पुलिस ने शाहनवाज की हत्या के बाद हंगामा करने वालेे करीब 50 लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने का मामला दर्ज किया है। आक्रोशित लोगों ने रविवार देर रात गली में सरेआम घुसकर आरोपी के घर के पास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और तीन स्कूटी समेत चार दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
चांदनी महल थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक गत रविवार देर रात पौने दो बजे पुलिस को सूचना मिली कि काली मस्जिद के पास लोगों ने बाइक को आग के हवाले कर दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि वहां करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे। लोग चिल्ला रहे थे कि शाहनवाज की हत्या कर दी है, बदला लेकर रहेंगे।
वहां मौजूद कुछ लोगों के हाथ में डंडे थे। उसके बाद लोगों ने एक बाइक को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने घर के सामने खड़ी तीन स्कूटी में भी आग लगा दी। लोगों को बेकाबू होता देख मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और अतिरिक्त पुलिस बल भेजने को कहा।
अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर होने की चेतावनी दी। बावजूद लोग वहां जमे रहे और नारेबाजी करते रहे। पुलिसकर्मियों ने वहां जमा लोगों को खदेड़ना शुरू किया। इससे गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घर के सामने खड़ी एक आई-10 कार में तोड़फोड़ कर दी और वहां से फरार हो गए। यह हंगामा करीब तीन बजे तक चलता रहा। पुलिसकर्मी के बयान पर चांदनी महल थाना पुलिस ने हंगामा कर रहे अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास में जुटी हुई है।
तुर्कमान गेट हत्या मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
रविवार रात तुर्कमान गेट रोड पर हुई रोड रेज की घटना के मामले में बुधवार को दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी अमीन पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को ही दिल्ली पुलिस इस मामले के पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।
अमीन के बारे में पुलिस का कहना है कि उस पर पहले से भी कुछ आपाराधिक मामले चल रहे हैं। इस बीच तुर्कमान गेट मामले में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बुधवार को पीड़ित परिवार से मिल कर उन्हें सांत्वना दी।