{"_id":"6a7f09a60bbff84e380f76ac","slug":"two-fraudsters-arrested-for-duping-people-by-posing-as-bank-officials-and-promising-to-secure-loans-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-150745-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: बैंक अधिकारी बनकर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी, दो जालसाज गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: बैंक अधिकारी बनकर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी, दो जालसाज गिरफ्तार
विज्ञापन
-शाहदरा साइबर सेल ने की गिरफ्तारी, मूलत: इटावा यूपी के रहने वाले हैं आरोपी, पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहदरा साइबर सेल ने बैंक अधिकारी बनकर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले रवि कुमार (26) और अरुण सिंह (23) को गिरफ्तार किया है। ये दोनों इटावा यूपी के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और एक एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि कृष्ण अवतार सहगल ने 21 जुलाई को ठगी की शिकायत की थी। उन्हें लोन-प्रोसेसिंग अधिकारी बनकर कॉल आया और शुल्क के नाम पर 1.10 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने बैंक खाते व मोबाइल नंबर की जांच कर रवि कुमार को गाजियाबाद के वैशाली से पकड़ा। रवि ने धोखाधड़ी की रकम साथी को ट्रांसफर करने की बात कबूली। बाद में, उसके साथी अरुण सिंह को भी वैशाली से गिरफ्तार किया गया। अरुण बैंक अधिकारी बनकर पीड़ित से बात करता था और उसके मोबाइल से ग्राहकों की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहदरा साइबर सेल ने बैंक अधिकारी बनकर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले रवि कुमार (26) और अरुण सिंह (23) को गिरफ्तार किया है। ये दोनों इटावा यूपी के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और एक एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि कृष्ण अवतार सहगल ने 21 जुलाई को ठगी की शिकायत की थी। उन्हें लोन-प्रोसेसिंग अधिकारी बनकर कॉल आया और शुल्क के नाम पर 1.10 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने बैंक खाते व मोबाइल नंबर की जांच कर रवि कुमार को गाजियाबाद के वैशाली से पकड़ा। रवि ने धोखाधड़ी की रकम साथी को ट्रांसफर करने की बात कबूली। बाद में, उसके साथी अरुण सिंह को भी वैशाली से गिरफ्तार किया गया। अरुण बैंक अधिकारी बनकर पीड़ित से बात करता था और उसके मोबाइल से ग्राहकों की जानकारी मिली है।
विज्ञापन