फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Two cyber fraudsters arrested for online scam involving child adoption.

Delhi NCR News: बच्चा गोद दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर जालसाज गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 09:33 PM IST
विज्ञापन
फर्जी एनजीओ की रसीदें, नकली अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज भेजकर दिलाते थे भरोसा
विज्ञापन

------------ध्यानार्थ-बरेली, यूपी के लिए उपयोगी।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
उत्तरी जिला पुलिस ने बच्चा गोद दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर प्रदेश के बरेली से दो आरोपियों सचिन (46) और राकेश (52) को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां दिल्ली में बुराड़ी की रहने वाली 30 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद की गईं। महिला से बच्चा गोद दिलाने के नाम पर 1.37 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि महिला ने बच्चा गोद लेने की सेवाओं के लिए इंटरनेट पर जानकारी हासिल की थी और एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। फोन उठाने वाले ने अपनी पहचान सचिन के रूप में बताई और कानूनी रूप से बच्चा गोद दिलाने वाले एक संगठन का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी ने महिला को आश्वासन दिया कि गोद लेने के लिए एक नवजात लड़का उपलब्ध कराया जाएगा और उसने पंजीकरण, बुकिंग तथा परिवहन शुल्क सहित विभिन्न चरणों में पैसे एकत्र किए। प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए उसने एनजीओ की जाली रसीदें, फर्जी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और अन्य नकली दस्तावेज भी भेजे।
विज्ञापन

उपायुक्त बांठिया ने बताया कि आरोपी ने बच्चे की जैविक मां से मिलाने के महिला के अनुरोध को बार-बार टाला और पैसे लेने के बाद पीड़िता का फोन उठाना बंद कर दिया। इससे महिला को संदेह हुआ। इसके बाद महिला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उत्तरी जिले के साइबर थाने में एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के विवरण, आईपी लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईएमईआई डेटा और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया। पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन मंचों से डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की और लगभग 100 मोबाइल नंबरों की निगरानी की और बरेली में संदिग्धों का पता लगाया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तकनीकी निगरानी के बाद 31 जुलाई को समन्वित छापे मारे गए, जिस दौरान सचिन (46) और उसके सहयोगी राकेश (52) को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

नकली दस्तावेज मुहैया कराते थे
पूछताछ के दौरान सचिन ने खुलासा किया कि पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट कुमार जाली एनजीओ रसीदें, फर्जी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और अन्य फर्जी चिकित्सा दस्तावेज मुहैया कराता था, जिनका इस्तेमाल पीड़ितों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था कि बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया असली है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और अस्पतालों व डॉक्टरों की 14 मोहरें बरामद की गईं। पीड़ितों और इस गिरोह से जुड़े अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों की पहचान करने के लिए जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी ऑनलाइन विज्ञापन देकर दावा करते थे कि वे बच्चों को कानूनी रूप से गोद दिलाने की व्यवस्था कर सकते हैं। इसके बाद वे विभिन्न फर्जी मदों के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। भुगतान मिलते ही वे कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन बंद कर गायब हो जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed