त्रिकोणीय मुकाबले में उलझ गए हैं कई बड़े दिग्गज
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दो माह पूर्व दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्दा प्रदर्शन के बाद अब लोकसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस सहित राजनीतिक पंडितों की राजधानी की सातों लोकसभा सीटों पर कैलकुलेशन गड़बड़ाई हुई है।
सभी सीटों पर मौजूदा दो केंद्रीय मंत्रियों सहित सातों कांग्रेसी सांसदों के अस्तित्व को बड़ी चुनौती है। जबकि भाजपा ने डॉ. हर्षवर्धन, मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा, दलित नेता उदित राज जैसे बड़े नाम उतारकर दांव खेला है।
AAP की उपस्थिति से कई बड़े दिग्गजों के समीकरण भी बिगड़े हुए हैं। कुल मिलाकर तस्वीर अभी थोड़ी धुंधली है, लेकिन तीनों दलों में उम्मीदवार के कद, जातीय समीकरण, प्रचार और भ्रष्टाचार सहित अन्य कारणों से कड़ी टक्कर बनी हुई है।
सिब्बल की प्रतिष्ठा दांव पर
चांदनी चौक पर समीकरण बिठाने के लिए हर दल ने दांव खेलना शुरू कर दिया है। पत्रकार से नेता बने आप के उम्मीदवार आशुतोष ने नाम के आगे गुप्ता लिखना शुरू कर दिया है तो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन भी खुद के वैश्य होने की पहचान यहां नहीं छिपा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल मुस्लिम व पंजाबी कार्ड के दम पर फिर से इस सीट पर कब्जे की कोशिश में हैं। यहां पर वैश्य करीब 17 फीसदी, मुस्लिम 15 फीसदी, पंजाबी 15 फीसदी हैं। वैश्य व पंजाबी वोटरों का ध्रुवीकरण होने की स्थिति में मुस्लिम मतदाता अगर एकतरफा जाते हैं तो सिब्बल फिर से इस सीट पर काबिज हो सकते हैं।
जबकि मोदी की हवा चलने पर डॉ. हर्षवर्धन एक बड़ा नाम होने से फायदे में जा सकते हैं। विधानसभा चुनाव में इस सीट पर AAP को दस में चार सीटें मिली थीं।
AAP-बीजेपी ने खेला दलित कार्ड
उत्तर पश्चिमी दिल्ली पर भाजपा ने कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए उदित राज को मैदान में उतारकर दलित कार्ड खेला है। जबकि AAP ने पहले यहां से महेंद्र कुमार को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन नामांकन से पहले उसने प्रत्याशी बदलकर अपनी तेजतर्रार विधायक राखी बिड़लान को मैदान में उतारकर भाजपा के दलित कार्ड का जवाब अपने दलित कार्ड से दिया।
यहां से कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ को फिर से मैदान में उतारा है। मुकाबला रोचक व त्रिकोणीय हो जाने पर क्षेत्र के करीब 22 फीसदी एससी व ओबीसी 20 फीसदी वोटरों पर हर किसी की नजर है। मतदाता अभी खामोश है, इसलिए रोचक मुकाबले की संभावना है।
मोदी-केजरी फैक्टर में कांग्रेस घिरी
नई दिल्ली सीट पर दस सालों से सांसद अजय माकन के सामने भाजपा ने राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी व आप ने खोजी पत्रकार आशीष खेतान को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय व दिलचस्प बना दिया है।
आशीष ने माकन के खिलाफ कठपुतली कॉलोनी के जरिए घोटाले के आरोप लगाए, लेकिन माकन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पहली बार लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरीं मीनाक्षी, मोदी को पीएम बनवाने के नाम पर वोट मांग रही हैं।
वहीं आशीष इस सीट के अंतर्गत आने वाली नई दिल्ली विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर अप्रत्याशित जीत हासिल करने वाले AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल के नाम पर वोट मांग रहे हैं। इस सीट के वोटर जिधर गए उसकी नैया पार हो सकती है।