Khushkhabar: दिल्ली में बसों की कमी के कारण नहीं करना होगा लंबा इंतजार, डीटीसी के बेड़े में जल्द शामिल होंगी 150 नई ई-बसें
डीटीसी यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराने के लिए जल्द ही बेड़े में 150 और नई ई-बसें शामिल करेगा। जिससे यात्रियों को बसों की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा। फिलहाल डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में सात हजार से अधिक बसें हैं। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में लगातार सरकार बढ़ोतरी कर रही है।
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दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में जल्द 150 और नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। पहले चरण में दिल्ली की सड़कों पर इतनी ही बसें उतारे जाने से बसों की समस्या काफी कम हो गई है। डीटीसी में कुल 300 ई-बसों के बाद क्लस्टर के बेड़े में 450 नई लो फ्लोर एसी बसें शामिल करने की भी तैयारी हैं। साल के अंत में दिल्ली के परिवहन बेड़े में एक हजार से अधिक बसें शामिल किए जाने से यात्रियों को बसों की कमी के कारण होने वाली परेशानियां दूर हो जाएंगी।
डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में फिलहाल सात हजार से अधिक बसें हैं। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के साथ बुनियादी सुविधाएं मुहैया करने के लिए भी दिल्ली सरकार ने कदम बढ़ाया है। पिछले दिनों परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली के इलेक्ट्रिक डिपो में मुहैया की जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के बाद बताया कि मुंडेला कलां, रोहिणी सेक्टर-37 के बाद राजघाट डिपो को भी ई बस डिपो के तौर पर विकसित किया गया है। यहां इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग, साफ सफाई के अलावा मेंटीनेंस के लिए भी सुविधाएं होंगी। इसके बाद दिल्ली में सात अलग अलग डिपो को भी ई बसों के लिए तैयार किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से राहत और यात्रियों की सहूलियत के लिए ई-बस सेवा की शुरुआत की। हालांकि दूसरे चरण में आने वाली 150 बसों में करीब 40 बसें डिपो से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इन बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। डिपो में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करने के बाद यात्रियों को ई बसों में सफर के लिए इंतजार भी नहीं करना होगा।
क्लस्टर में भी शामिल होंगी 450 लो फ्लोर एसी बसें
क्लस्टर स्कीम के तहत फिलहाल दिल्ली की सड़कों पर 3300 से अधिक बसों का परिचालन हो रहा है। इनमें से 450 बसें ऐसी हैं, जिनकी मियाद खत्म हो चुकी है या जल्द होने वाली है। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है और कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद 450 लो फ्लोर एसी(सीएनजी)बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। पुरानी हो चुकी बसों के बदले इन बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इससे पहले 70 सीएनजी बसों के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद न तो डीटीसी और न ही क्लस्टर में सीएनजी बसें शामिल की जाएंगी। आने वाले कुछ महीने में क्लस्टर के बेड़े में भी 480 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी।