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'देख लीजिए, आप का नाम इस रोल नंबर पर नहीं है'

Thu, 11 Jun 2015 12:42 PM IST
Updated Thu, 11 Jun 2015 12:42 PM IST
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Tomar's all degrees are fake, awadh university have no records of tomar

फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार दिल्ली के कानून मंत्री रहे जितेंद्र सिंह तोमर का हर फरेब फैजाबाद में सामने आ गया।

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तोमर ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध कामता प्रसाद सुंदरलाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या में 1986-87 व 1987-88 में बीएससी के दो वर्षीय कोर्स में दाखिला ही नहीं लिया था।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में भी उनकी बीएससी डिग्री से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। सर्टिफिकेट पर इनरोलमेंट व कुलपति के दस्तखत सब फर्जी पाए गए।

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करीब पौने घंटे चली पड़ताल में खामोश रहे तोमर

Tomar's all degrees are fake, awadh university have no records of tomar

करीब पौने पांच घंटे की पड़ताल के दौरान हर सवाल पर तोमर खामोश रहे। दिल्ली पुलिस ने यहां से अहम दस्तावेज जुटाए। साकेत कॉलेज में जांच के बाद उनकी एलएलबी डिग्री का परीक्षण करने के लिए तोमर को लेकर पुलिस बिहार के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय जाएगी।

पुलिस टीम फरक्का एक्सप्रेस से तोमर को लेकर बुधवार दोपहर करीब पौने 12 बजे फैजाबाद पहुंची। तोमर को सीधे अवध विश्वविद्यालय ले जाया गया। वहां गोपनीय विभाग में 12 बजे रजिस्ट्रार डॉ. एसएल मौर्य, परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी के सामने उनसे पूछताछ शुरू हुई।

जितेंद्र सिंह तोमर पुत्र बलबीर सिंह तोमर की विज्ञान से स्नातक डिग्री को लेकर 1988 के दस्तावेजों की पूरी फाइल मंगाई गई। कामता प्रसाद सुंदरलाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय से जारी बीएससी द्वितीय वर्ष, अनुक्रमांक-31331 की उपाधि व अंकपत्र फर्जी पाया गया।

विश्वविद्यालय टीम ने पूछा आपको डिग्री कहां से मिली?

Tomar's all degrees are fake, awadh university have no records of tomar

परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी ने तोमर से कहा, आप खुद देख लीजिए, इस अनुक्रमांक पर आपका नाम नहीं है। विश्वविद्यालय ने तत्कालीन कुलपति रामविलास मिश्र के हस्ताक्षर मिलाए तो तोमर के प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर भी अलग मिले।

विश्वविद्यालय की टीम ने तोमर से पूछा, आपको डिग्री कहां से मिली। दिल्ली पुलिस के आरकेपुरम एसीपी सोमेंद्र पाल त्यागी ने इस पर कहा- यही सवाल तो हम कई दिन से पूछ रहे हैं।

आखिरकार जब साकेत में पढ़े नहीं तो, अवध विश्वविद्यालय से डिग्री बनी कैसे? तोमर हर सवाल पर खामोश रहे।

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रोल नंबर वाली कॉपी पर राइटिंग भी दूसरे की

Tomar's all degrees are fake, awadh university have no records of tomar

1988 में साकेत महाविद्यालय से बीएससी करने वाले सभी छात्र-छात्राओं की पूरी पत्रावली निकाली गई। उनमें तोमर का नाम कहीं नहीं था। तोमर का परीक्षा फॉर्म भी नहीं था।

इसी क्रम में छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाएं निकलवाई गई। वहां भी तोमर का न नाम था, न उनके रोलनंबर की कॉपी पर उनकी राइटिंग।

कॉलेज में जब तोमर से अपना क्लास रूम पहचानने के लिए कहा गया तो उन्होंने बीए की क्लास को बीएससी की क्लास बता दिया।

हम तो इन्हें पहचानते नहीं
पुख्ता सुबूत के लिए 1988 में साकेत कॉलेज से बीएससी करने वाले तीन पूर्व छात्रों को भी बुलाकर तोमर से सामना कराया तो वे तोमर को पहचान नहीं सके।

...और गर्दन झुका ली
रजिस्ट्रार ने कहा कि अब तो सब कुछ साफ हो गया है। बीएससी डिग्री पूरी तरह फर्जी है। इस पर तोमर ने बगैर कुछ बोले गर्दन झुका ली।

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