आज भाइयों की कलाई पर प्यार बांधेंगी बहनें, रक्षा का वचन लेंगे भाई
पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, पौराणिक मान्यता है कि बली नामक राजा ने विष्णु भगवान की तपस्या की। प्रसन्न होकर विष्णु भगवान ने वर मांगने को कहा, फिर राजा बलि ने कहा ‘मैं चाहता हूं की आप मेरे साथ महल में ही हमेशा के लिए विराजमान हो जाएं’।
विष्णु भगवान ने तथास्तु कहकर ऐसा ही किया। विष्णु लोक में माता लक्ष्मी चिंता में रहने लगी। फिर एक दिन वो राजा बलि के पास राखी लेकर गईं और उन्हें राखी बांध दी। राजा बलि ने लक्ष्मी जी से कहा तुम क्या मांगना चाहती हो बहन। फिर लक्ष्मी जी के आग्रह पर विष्णु भगवान को बलि ने वचन मुक्त कर दिया उस दिन से रक्षाबंधन मनाए जाने लगा।
विधि
- भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करें
- चावल, कच्चे सूत का धागा, कपड़ा व रोली से पूजा की थाली तैयार कर दीप जलाएं। मिठाई भी रखें।
- भाई को पूर्व दिशा की ओर बिठाएं। बहन का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।
- माथे पर टीका लगाकर दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधे।
- रक्षा सूत्र बांधते समय निम्न मंत्र का जाप करने से अधिक फल मिलता है।
- येन बद्धो बलिराजा, दानवेंद्रो महाबल: तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचल: ।
इन बातों का रखें ध्यान
- सरल मंत्र- महालक्ष्मी विष्णु नम:
- शुभ मुहूर्त - सुबह 7. 43 से 12. 48 तक
- दोपहर 2. से 3. 38 तक
1. रक्षाबंधन के समय भद्रा न हो
2. राखी बांधते समय सिर्फ तीन बार गांठें मारनी चाहिए।
बाजार में छूट की भरमार
बाजार में ऑफर्स की भरमार है। मॉल्स एवं दुकानों में भी यही हाल है। कपड़ों , गहनों आदि पर सेल है। वहीं, ई कॉमर्स वेबसाइट जैसे फ्लिपकार्ड, स्नैपडील, एमेजॉन भी रक्षाबंधन स्पेशल लेकर आई हैं। यही नहीं कैब सर्विस में भी स्पेशल ऑफर है।
कुछ बहनें भाईयों से कम नहीं
यूं तो रक्षाबंधन भाइयों द्वारा बहन की रक्षा का वचन देने वाले त्योहार के रूप में मनाया जाता है। लेकिन रक्षा का दायित्व सिर्फ भाइयों पर ही नहीं है। शहर की कई सशक्त बहने हैं जो अपनी ही नहीं दूसरों की रक्षा करने में भी समर्थ हैं।
ग्रेटर नोएडा में महिलाओं को रेसलिंग के गुर सिखाने वाली बबिता नागर हों या महिला थानाध्यक्ष के रूप में समस्याएं सुलझाने वाली अंजू तेवतिया। महिलाओं का यह सशक्त रूप नए भारत की नई तस्वीर पेश करता है।
रेसलर बबिता नागर ने बताया कि वह किसी को राखी नहीं बांधती। लेकिन उनकी बहनें एवं उनकी छात्राएं उन्हें राखी बांधती हैं। बहनों का मानना है कि उन्हें खुद की रक्षा में सक्षम मैंने बनाया है। बबिता नागर के अनुसार, महिलाओं को अपनी रक्षा खुद करने में विश्वास रखना चाहिए। त्योहार मनाएं। लेकिन किसी पर निर्भर न हों, आत्मनिर्भर बनें।