{"_id":"7d423b727c3fb5c7d5d8ef90d00bb7da","slug":"today-minister-cleared-show-grades-of-flour-ncr-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज मंत्री दिखाएंगे एनसीआर आटों को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज मंत्री दिखाएंगे एनसीआर आटों को हरी झंडी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 15 Feb 2015 01:24 AM IST
विज्ञापन
एनसीआर आटो का आठ साल पुराना सपना रविवार को पूरा होगा। परिवहन मंत्री के उद्घाटन के साथ ही एनसीआर आटो का संचालन शुरू हो जाएगा।
पांच हजार आटो की संख्या के सापेक्ष मात्र 30 आटो को हरी झंडी दिखाकर योजना शुरू करानी होगी। इसके साथ ही नियमों को आसान बनाकर एनसीआर आटो के परमिट देना अफसरों की चुनौती होगी। वरना इसका हाल भी एनसीआर टैक्सी जैसा हो जाएगा।
परिवहन विभाग ने एनसीआर आटो की योजना 2007 में तैयार की थी। यूपी-दिल्ली और हरियाणा के परिवहन विभागों की संयुक्त योजना होने के चलते इसमें लगातार देरी होती गई।
परिवहन विभाग ने पिछले दिनों आपसी समझौता कर पांच हजार एनसीआर आटो के संचालन की योजना तैयार की थी। इसके बावजूद नियम इतने कड़े कर दिए गए कि एनसीआर आटो के परमिट ही जारी नहीं हो सके।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री को 151 आटो को झंडी दिखाकर इस योजना को संचालित करना था, लेकिन वह मात्र 30 वाहनों को ही झंडी दिखा सकेंगे। अफसरों ने मनमानी छोड़कर यदि एनसीआर आटो को बढ़ावा नहीं दिया तो इनका हश्र भी एनसीआर टैक्सी जैसा हो जाएगा।
सबसे बड़ी चुनाती किराए को लेकर है। शहर में एनसीआर आटो का किराया सामान्य से चार गुना तय किया गया है। ऐसे में लोगों की रुचि सिटी आटो में बैठने की रहेगी।
लोग दिल्ली सीमा में पहुंचने पर ही एनसीआर आटो में बैठेंगे। ऐसे में अधिकारियों को सामान्य आटो का किराया भी एनसीआर आटो के बराकर करना होगा।
यह होगा एनसीआर आटो का लाभ
- एक कंट्रोल रूम होगा, उसपर काल करके आटो को अपने घर पर बुला सकेंगे।
- एक कंट्रोल रूम होगा, इसपर दिनरात किसी भी आटो की लोकेशन ले सकेंगे।
- प्रत्येक आटो में किराए की पर्ची निकलेगी, इससे ज्यादा का भुगतान नहीं करना होगा।
- प्रत्येक चालक का नाम-आटो का नंबर यात्रियों को बताया जाएगा।
- अपराध नियंत्रण के लिए आटो में कंट्रोल स्विच होगा।
- आटो चालकों की ड्रेस और नेम-प्लेट अनिवार्य होगी।
- एनसीआर आटो में दिल्ली की निर्धारित दरों वाला किराया लिया जाएगा।
- एनसीआर आटो को बुक करके ही ले जाया जा सकेगा।
विज्ञापन
पांच हजार आटो की संख्या के सापेक्ष मात्र 30 आटो को हरी झंडी दिखाकर योजना शुरू करानी होगी। इसके साथ ही नियमों को आसान बनाकर एनसीआर आटो के परमिट देना अफसरों की चुनौती होगी। वरना इसका हाल भी एनसीआर टैक्सी जैसा हो जाएगा।
परिवहन विभाग ने एनसीआर आटो की योजना 2007 में तैयार की थी। यूपी-दिल्ली और हरियाणा के परिवहन विभागों की संयुक्त योजना होने के चलते इसमें लगातार देरी होती गई।
विज्ञापन
परिवहन विभाग ने पिछले दिनों आपसी समझौता कर पांच हजार एनसीआर आटो के संचालन की योजना तैयार की थी। इसके बावजूद नियम इतने कड़े कर दिए गए कि एनसीआर आटो के परमिट ही जारी नहीं हो सके।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री को 151 आटो को झंडी दिखाकर इस योजना को संचालित करना था, लेकिन वह मात्र 30 वाहनों को ही झंडी दिखा सकेंगे। अफसरों ने मनमानी छोड़कर यदि एनसीआर आटो को बढ़ावा नहीं दिया तो इनका हश्र भी एनसीआर टैक्सी जैसा हो जाएगा।
सबसे बड़ी चुनाती किराए को लेकर है। शहर में एनसीआर आटो का किराया सामान्य से चार गुना तय किया गया है। ऐसे में लोगों की रुचि सिटी आटो में बैठने की रहेगी।
लोग दिल्ली सीमा में पहुंचने पर ही एनसीआर आटो में बैठेंगे। ऐसे में अधिकारियों को सामान्य आटो का किराया भी एनसीआर आटो के बराकर करना होगा।
यह होगा एनसीआर आटो का लाभ
- एक कंट्रोल रूम होगा, उसपर काल करके आटो को अपने घर पर बुला सकेंगे।
- एक कंट्रोल रूम होगा, इसपर दिनरात किसी भी आटो की लोकेशन ले सकेंगे।
- प्रत्येक आटो में किराए की पर्ची निकलेगी, इससे ज्यादा का भुगतान नहीं करना होगा।
- प्रत्येक चालक का नाम-आटो का नंबर यात्रियों को बताया जाएगा।
- अपराध नियंत्रण के लिए आटो में कंट्रोल स्विच होगा।
- आटो चालकों की ड्रेस और नेम-प्लेट अनिवार्य होगी।
- एनसीआर आटो में दिल्ली की निर्धारित दरों वाला किराया लिया जाएगा।
- एनसीआर आटो को बुक करके ही ले जाया जा सकेगा।