{"_id":"56e00e184f1c1bed338b4568","slug":"tilpat-stadium-still-on-paper-only","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों से बाहर नहीं निकला तिलपत स्टेडियम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों से बाहर नहीं निकला तिलपत स्टेडियम
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 09 Mar 2016 06:09 PM IST
विज्ञापन
ढाका स्टेेडियम
- फोटो : AFP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब डेढ़ साल पहले आदर्श गांव तिलपत को स्टेडियम का तोहफा देने के दावे किए गए थे, लेकिन अभी तक यह स्टेडियम कागजों से बाहर नहीं आ पाया है। यहां तक की अधिकारी अभी तक एअरफोर्स से इसकी एनओसी 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' तक नहीं ले सके हैं।
विज्ञापन
सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने 14 नवंबर 2014 में तिलपत को आदर्श गांव के रूप में गोद लिया था। इसमें तिलपत में तमाम विकास कार्य करवाने के साथ ही खिलाडिय़ों को खेल स्टेडियम की सुविधा देने की भी घोषणा की गई थी।
विज्ञापन
स्टेडियम कहां तैयार होगा, कितने बजट से तैयार होगा, स्टेडियम में किन-किन खेलों के कोर्ट बनाएं जाएंगे आदि इसको लेकर खेल विभाग की ओर से डीपीआर भी तैयार हुई थी।
विज्ञापन
इतना ही नहीं स्टेडियम के लिए केंद्र व राज्य सरकार दोनों से 80-80 लाख रुपये की मंजूरी भी मिली थी। लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी स्टेडियम की योजना अभी कागजों में ही सिमटी हुई है।
एअरफोर्स से नहीं मिल पाई एनओसी
स्टेडियम के लिए अभी तक एअरफोर्स से एनओसी नहीं मिल पाई है। इस संबंध में जिला पंचायत विभाग के बीडीपीओ प्रदीप व जेई राजबीर शर्मा का कहना है कि यह स्टेडियम पांच से सात एकड़ जमीन पर बनाया जाना है।
लेकिन यह जमीन एअरफोर्स रेंज में आती है। स्टेडियम बनाने के लिए एआरफोर्स से एनओसी नहीं मिली है। लेकिन विभाग की ओर से पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेज दी गई है।
इन्हें होना था फायदा
इस स्टेडियम के बनने से आसपास के सेहतपुर, पल्ला, सूरदास कॉलोनी, अगवानपुर, बसंतपुर, हरकेश कॉलोनी, न्यू तिलपत कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, सूर्या नगर पार्ट-1, सेक्टर-91, दयालपुर आदि के करीब तीन हजारों खिलाडिय़ों को फायदा होना था।
क्योंकि इस क्षेत्र से करीब 15 किलोमीटर की दूरी तक कोई स्टेडियम होना तो दूर की बात है यहां खिलाडिय़ों के पास कोई ऐसा मैदान नहीं जहां व अभ्यास कर सकें। बच्चों को अभ्यास के लिए सेक्टर-12 खेल परिसर आना पड़ता है।