शरीर से तीन सरिए निकाल बचाई जिंदगी
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गले, सीने और दाएं हाथ में घुस गए सरियों को निकालकर फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने एक युवक को नया जीवन दिया। युवक ग्रेटर नोएडा वेस्ट में काम करके समय निर्माणाधीन बिल्डिंग से 30 फीट की ऊंचाई से गिर गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक, सरिए इस तरह से धंसे थे कि मरीज को लिटाकर सर्जरी करना संभव नहीं था। मरीज को बैठाकर उसकी सर्जरी की गई। इसमें छह घंटे से ज्यादा समय लगा।
न्यूरोसर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि द्वारिकी (27) को 27 मार्च को अस्पताल लाया गया था। जब उसे अस्पताल लाया गया था तब उसके गले, सीने और दाएं हाथ के आरपार सरिया निकला हुआ था।
गले, सीने और दाएं हाथ में धंस गए थे एक इंच मोटे सरिए
मरीज की हालत ऐसी थी कि उसका एमआरआई, एक्सरे, सीटी स्कैन समेत कोई भी जांच संभव नहीं थी। सरिए करीब एक इंच मोटे थे। मरीज का काफी खून बह चुका था। हालांकि, सरिए की वजह से रीढ़ की हड्डी को नुकसान नहीं हुआ।
यदि ऐसा हो जाता तो उसे लकवा मार सकता था। डॉक्टरों ने बताया कि नसों और रीढ़ की हड्डी को बचाते हुए गले में धंसा सरिया निकाला गया। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. वैभव मिश्र ने बताया कि दूसरे चरण में मरीज के सीने के सरिए को निकाला गया।
इस दौरान उसे आठ यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी में छह घंटे से ज्यादा समय लगा। मरीज की दाएं हाथ की प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। वह अब ठीक है और उसे बीते मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
तो ये भी थी वजह कि बच गई उसकी जिंदगी
इमरजेंसी प्रमुख डॉ. दीना शाह, ऑपरेशन थिएटर से डॉ. मैरी अब्राहम, न्यूरो सर्जरी आईसीयू से डॉ. मृणाल सरकार और क्रिटिकल केयर यूनिट के डॉ. राजेश गुप्ता ने मरीज के इलाज में सहयोग दिया।
मरीज को अस्पताल लाने वाले लोगों ने भी काफी समझ का इस्तेमाल किया। खून रोकने के लिए सरिए के धंसे स्थान पर काफी कपड़ा लगा दिया था। मरीज को गोद में उठा कर अस्पताल लाया गया था, जिसके कारण सरिया से और क्षति नहीं हुई।