गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् व इंडियन काउंसिल ऑफं सांइस रिसर्च के सयुंक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ।
बता दें, यह सेमिनार पीएचडी व एमफिल के छात्रों में शोध के विषय पर चर्चा के लिए किया जा रहा है। तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ यूनिवर्सिटी के कुलपति भगवती शरण शर्मा व चौधरी चरण सिहं यूनिवर्सिटी के कुलपति एनके तनेजा व ऑर्गेनाइजर पत्रिका के संपादक प्रफुल्ल केतकर और शोध संस्था के संयोजक आलोक सिंह जी ने किया।
सेमिनार का आयोजन एबीवीपी के शोध छात्रों के बीच कार्य कर रहें आयाम "शोध-स्टूडेंट फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी " व आईसीसीआर-इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल सांइस रिसर्च" और गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
सेमिनार में देशभर से आऐं लगभग 120 छात्रों व लब्ध प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जीबीयू के कुलपति भगवतीशरण शर्मा ने कहा कि भारत के शोधार्थियों को अपने पारम्परिक ज्ञान विज्ञान पर शोध करने की अत्यंत आवश्यकता है। देश के समक्ष खड़ी चुनौतियों के निदान हेतु राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय पर बड़े स्तर पर शोध करने की आवश्यकता है और पेड रिसर्च से भी बचना चाहिए।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति एनके तनेजा ने कहा कि "देश की आजादी के बाद कई लोगों ने शोध के बहाने भारतीय जनमानस को बरगलाने का प्रयोग किया है और वर्तमान में भी कर रहें हैं। इसलिए हमें ऐसे विषयों पर भी शोध करना चाहिए जिसको सिर्फ वामपंथ विचार से प्रेरित कर अबतक समाज के बीच रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया नारा 'सबका साथ -सबका विकास' भी एक शोध का विषय है। जिसने मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण व शहरी आवास योजना, जन-धन योजान ,उज्जवला योजना के माध्यम से जनता को लाभ पहुंचाया है। उन्होनें कहा कि-हार्डवर्क का कोई शॉर्टकट नहीं है।
शोध प्रकल्प के संयोजक आलोक सिंह जी ने कहा है कि हम "शोध-स्टूडेंट्स फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी " के माध्यम से देशभर के शोधार्थियों को अपने क्षेत्र में बेहतर करने के लिए एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा रहें है। जहां शोधकार्य में आने वाली समस्याओं व हल पर संवाद हो सके। उन्होंने कहा इस तीन दिवसीय सेमिनार को कराने का यही मकसद है।
तीन दिवसीय सेमिनार में कुल 10 सत्र चलेंगे जिसमें वक्ता के रूप में प्रोफेसर मधु किश्वर, नागेश ठाकुर, प्रोफेसर सुमनधर, एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर जी उपस्थित रहेंगे।