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Delhi NCR News: डीयू में तीन दिवसीय कॉलेज शिक्षक विकास कार्यक्रम शुरू
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के प्राणी शास्त्र विभाग की ओर से मंगलवार को यूजी रिसर्च: यूजीसीएफ एनईपी 2020 के तहत आगे की राहत विषय पर तीन दिवसीय कॉलेज शिक्षक विकास कार्यक्रम (एफडीपी) की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम 25 जुलाई तक चलेगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्नातक अनुसंधान को सुदृढ़ करने के लिए डीयू के कॉलेजों के 50 से अधिक प्राणी विज्ञान संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष लता गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में अनुसंधान की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि ने अंत: विषय अनुसंधान के महत्व और प्रभावशाली परिणाम प्राप्त करने के लिए उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. के रत्नाबली ने यूजीसीएफ के अंतर्गत स्नातक अनुसंधान के दिशानिर्देश और चुनौतियां विषय पर उद्घाटन व्याख्यान दिया। वहीं, प्राणीशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. रीता सिंह ने एक मजबूत स्नातक अनुसंधान संस्कृति को पोषित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस प्रोग्राम के पहले दिन विशेषज्ञ वार्ता, इंटरैक्टिव सत्र, और मार्गदर्शन, अनुसंधान पर्यवेक्षणए नैतिकता और सहयोगात्मक अवसरों पर चर्चाएं की गई। ब्यूरो
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष लता गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में अनुसंधान की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि ने अंत: विषय अनुसंधान के महत्व और प्रभावशाली परिणाम प्राप्त करने के लिए उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. के रत्नाबली ने यूजीसीएफ के अंतर्गत स्नातक अनुसंधान के दिशानिर्देश और चुनौतियां विषय पर उद्घाटन व्याख्यान दिया। वहीं, प्राणीशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. रीता सिंह ने एक मजबूत स्नातक अनुसंधान संस्कृति को पोषित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस प्रोग्राम के पहले दिन विशेषज्ञ वार्ता, इंटरैक्टिव सत्र, और मार्गदर्शन, अनुसंधान पर्यवेक्षणए नैतिकता और सहयोगात्मक अवसरों पर चर्चाएं की गई। ब्यूरो
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