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हाथी पर सवार होकर आ रही हैं मां अंबे
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 23 Mar 2014 12:20 AM IST
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इस बार चैत्र नवरात्र 31 मार्च सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार शक्तिस्वरूपा देवी गजानन पर सवार होकर आ रही हैं। देवी का हाथी पर आगमन शासन में फेरबदल का संकेत है।
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सोमवार से नवरात्र का आरंभ हो रहा है। पुराणों के अनुसार रविवार और सोमवार को जब नवरात्र का आरंभ होता है तो देवी हाथी पर सवार होकर आती हैं। गजानन की सवारी अधिक वर्षा और शासन में फेरबदल और उच्च शासन स्तर पर परिवर्तन का संकेत होता है।
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली और मानिक विश्वविद्यालय दिल्ली के आचार्य अनित शुक्ला ने बताया कि श्रीमद् देवी भागवत पुराण के श्लोक के अनुसार सोमवार और रविवार को हाथी पर सवारी, शनि और मंगल को घोडे़ पर, गुरू और शुक्र को डोली पर और बुधवार को नौका पर सवार होकर आती हैं।
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माता के आने के हर दिन के अलग-अलग प्रभाव होते हैं। हाथी की सवारी सत्ता परिवर्तन के साथ ही साम्राज्य में मान मर्यादा की वृद्धि का संकेत देता है। इस केंद्र में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
पूर्ण बहुमत किसी पार्टी को नहीं
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार के चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। पंडित दुलीदत्त कौशिक और ब्रजकिशोर ब्रजवासी ने बताया कि पूर्ण बहुमत किसी भी पार्टी के मिलने के आसार नहीं हैं। हालांकि अन्य पार्टियों की अपेक्षा भाजपा की स्थिति मजबूत रहेगी जोड़-तोड़ से ही सरकार बनेगी।