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एक्सपायर्ड दवाएं इस्तेमाल कर रहा था चिड़ियाघर प्रशासन
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:05 PM IST
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केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने दिल्ली चिड़ियाघर को जानवरों पर एक्सपायर्ड दवाईयों के इस्तेमाल का दोषी पाया है। चिड़ियाघर प्रशासन को इस बारे में अप्रैल से ही जानकारी थी, मगर वह पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटा रहा, और कई शिकायतों के बाद भी निदेशक कार्यालय द्वारा इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2016 में चिड़ियाघर प्रशासन के सामने एक्सपायर्ड दवाओं के प्रयोग का मामला सामने आया था। यही नहीं, चिड़ियाघर के मादा सिक्का डियर को प्रसव के दौरान एक्सपायर्ड रेप्लेंटा की दवा दी गई थी, जिसके बाद मादा हिरन के बच्चे की मौत हो गई थी।
चिड़ियाघर में चल रहे इस लापरवाही के मामले की जानकारी जब सीजेडए को लगी तो उसने पूरे मामले पर जांच बिठा दी। अब जो रिपोर्ट आई है वह बेहद चौकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ एक्सपायर्ड दवाईयां ही नहीं दी जा रही थी, बल्कि यहां से कीटामाइन दवाई की चोरी भी हो रही थी।
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एक दो माह नहीं, बल्कि दस-दस साल पुरानी एक्सपायर्ड दवाएं जानवरों को दी जा रही थी। सूत्रों की माने तो सीजेडए की रिपोर्ट आने के बाद बृहस्पतिवार को चिड़ियाघर निदेशक को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने तलब किया है।
मेनका गांधी ने ड्रग कंट्रोलर, पर्यावरण मंत्रालय को लिखी चिट्ठी
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की रिपोर्ट आने के बाद पशु अधिकारों को लेकर काम करने वाली व महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने रिपोर्ट को लेकर पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे और ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर चिड़ियाघर व उनके अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ड्रग कंट्रोलर से एक्सपायर्ड दवाओं के प्रयोग पर कार्रवाई करनेे की मांग की है।
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जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2016 में चिड़ियाघर प्रशासन के सामने एक्सपायर्ड दवाओं के प्रयोग का मामला सामने आया था। यही नहीं, चिड़ियाघर के मादा सिक्का डियर को प्रसव के दौरान एक्सपायर्ड रेप्लेंटा की दवा दी गई थी, जिसके बाद मादा हिरन के बच्चे की मौत हो गई थी।
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चिड़ियाघर में चल रहे इस लापरवाही के मामले की जानकारी जब सीजेडए को लगी तो उसने पूरे मामले पर जांच बिठा दी। अब जो रिपोर्ट आई है वह बेहद चौकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ एक्सपायर्ड दवाईयां ही नहीं दी जा रही थी, बल्कि यहां से कीटामाइन दवाई की चोरी भी हो रही थी।
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एक दो माह नहीं, बल्कि दस-दस साल पुरानी एक्सपायर्ड दवाएं जानवरों को दी जा रही थी। सूत्रों की माने तो सीजेडए की रिपोर्ट आने के बाद बृहस्पतिवार को चिड़ियाघर निदेशक को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने तलब किया है।
मेनका गांधी ने ड्रग कंट्रोलर, पर्यावरण मंत्रालय को लिखी चिट्ठी
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की रिपोर्ट आने के बाद पशु अधिकारों को लेकर काम करने वाली व महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने रिपोर्ट को लेकर पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे और ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर चिड़ियाघर व उनके अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ड्रग कंट्रोलर से एक्सपायर्ड दवाओं के प्रयोग पर कार्रवाई करनेे की मांग की है।