‘जेएनयू का सच’ पर डीयू में हंगामा, भारत माता की जय बोलने पर जंग
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दिल्ली विश्वविद्यालय में आर्ट्स फैकल्टी के बाहर शुक्रवार को जेएनयू का सच नाटक के प्रदर्शन को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। दो गुटों के बीच हुए इस हंगामे का असर यह रहा कि पुलिस ने नाटक को बीच में ही बंद करा दिया।
दरअसल, जेएनयू में 9 फरवरी की घटना को लेकर छात्र संगठन आइसा के संगवारी थियेटर ग्रुप ने नार्थ कैंपस में शुक्रवार को एक नाटक आयोजित किया था। जेएनयू का सच विषय पर यह नाटक पहले लॉ फैकल्टी में होना था लेकिन वहां इसकी मंजूरी न मिलने के कारण यह आर्ट्स फैकल्टी के बाहर हुआ।
आइसा का आरोप है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस नाटक में बाधा डाली और परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। जबकि एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत का कहना है कि नाटक के दौरान संघ की ड्रेस में आकर हमें उकसाने का प्रयास किया गया।
बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला
जिसका हमने विरोध किया। जबकि आइसा का आरोप है कि कलाकारों से जबरन भारत माता की जय बोलने के लिए कहा गया। आइसा से जुड़े व नाटक आयोजित कराने वाले राहुल ने बताया कि आर्ट्स फैकल्टी के बाहर नाटक शुरू हुए 10 मिनट ही बीते थे कि कुछ एबीवीपी कार्यकर्ता क्रिकेट बैट व स्टिक लेकर आए कलाकारों के साथ बदतमीजी की और उनके कॉलर पकड़ कर भारत माता बोलने के लिए कहा गया।
पुलिस के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस के मुताबिक नाटक करने वाले ग्रुप ने कार्यक्रम की मंजूरी नहीं ली थी। नाटक के दौरान दो गुटों में झड़प की नौबत आई। जिसे देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया नाटक का मंचन बंद करा दिया।
वहीं आइसा का आरोप है आर्ट्स फैकल्टी के बाहर ही भगत सिंह के ऊपर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में जेएनयू के प्रोफेसर चमन लाल पहुंचे थे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उस कार्यक्रम में भी बाधा डालने का प्रयास किया।