फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The requirement of CTET-TET should not be imposed on working teachers.

Delhi NCR News: कार्यरत शिक्षकों पर सीटीईटी-टीईटी की अनिवार्यता ना थोपी जाए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 08:37 PM IST
विज्ञापन
-राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ ने दिल्ली सरकार से लगाई गुहार
विज्ञापन


-संघ ने सरकार से किया आग्रह केंद्र से विशेष छूट की मांग की जाए

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर सीटीईटी या टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता ना थोपी जाए। राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ ने इस अनिवार्यता विरोध करते हुए दिल्ली सरकार से गुहार लगाकर हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने सीएम रेखा गुप्ता को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व भेजकर केंद्र सरकार के समक्ष विशेष एकमुश्त छूट की सिफारिश करने का आग्रह किया है।


सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिणामस्वरूप ऐसे हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे, जिन्हें वर्षों पहले उस समय लागू भर्ती नियमों के तहत विधिवत नियुक्त किया गया था और जो लंबे समय से सफलतापूर्वक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। संघ की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि भर्ती नियम नियुक्ति के समय लागू होते हैं और एक बार विधिवत नियुक्ति होने के बाद शिक्षक की सेवा का मूल्यांकन उसके कार्य निष्पादन, शैक्षणिक परिणामों व अन्य मानकों के आधार पर किया जाता है।
विज्ञापन


ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुन: पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न ही न्यायसंगत है और न ही व्यावहारिक है। अन्य सरकारी सेवाओं में कर्मचारियों को नई पात्रता परीक्षा पास करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता। ऐसे में केवल शिक्षकों के लिए ऐसी व्यवस्था उचित नहीं है। जीएसटीए ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे को केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाए तथा कैबिनेट प्रस्ताव के माध्यम से उन शिक्षकों के लिए विशेष राहत की अनुशंसा करे जो अपनी नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुसार योग्य पाए गए थे। मालूम हो कि हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता में कोई भी छूट देने से इंकार कर दिया है। साथ ही जो शिक्षक अभी कार्यरत हैं उनके लिए टीईटी पास करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है, पहले यह समय सीमा 31 अगस्त 2027 थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed