नाम ट्रांसफर नहीं कराया तो कटेगा गैस कनेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीबीटीएल योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए करीब 84 फीसदी उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन को बैंक खाते से लिंक करा चुके हैं। बाकी उपभोक्ता गैस कंपनियों की ओर से तीन माह का पार्किंग पीरियड दिए जाने के बाद भी योजना से नहीं जुड़े हैं।
गैस कंपनियों के मुताबिक इनमें ऐसे उपभोक्ता भी शामिल हैं, जिनके माता पिता के नाम गैस कनेक्शन था और उन्होंने कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराया है। जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम की 45 गैस एजेंसियों के करीब पांच लाख उपभोक्ता हैं।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (एलपीजी) यूपी के महाप्रबंधक यादवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 31 मार्च तक अधिकांश उपभोक्ताओं ने सब्सिडी के लिए खाता लिंक करा लिया था।
30 जून तक का वक्त है आपके पास
इसके बाद से मात्र एक फीसदी उपभोक्ताओं ने ही फॉर्म भरा है। तकरीबन पांच हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने फॉर्म भरकर सब्सिडी छोड़ दी है। बाकी उपभोक्ताओं में वे भी शामिल हैं, जिनके माता या पिता या दोनों ही गुजर चुके हैं और उन्होंने अभी तक गैस कनेक्शन अपने नाम नहीं कराया है। पार्किंग पीरियड के तहत 30 जून तक का समय शेष है।
उन्होंने बताया कि डीबीटीएल के तहत जिसको सब्सिडी नहीं चाहिए उसके लिए उसे नॉन सब्सिडी फॉर्म भरना होगा। अभी तक गैस एजेंसी से सभी उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर दे दिया जा रहा है लेकिन सब्सिडी के लिए फॉर्म भरने पर या नॉन सब्सिडी फार्म भरने पर सॉफ्टवेयर यह पकड़ लेगा कि कनेक्शन उनके नाम हैं या नहीं है।
उपभोक्ता अपने नाम गैस ट्रांसफर करा कर लें, नहीं तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। गैस एजेंसी के हरवीर बताते हैं कि माता पिता यदि गुजर चुके हैं और उनका मृत्यु प्रमाणपत्र गैस कनेक्शन ट्रांसफर फॉर्म के साथ लगाना अनिवार्य है। माता पिता जीवित हैं, तो ट्रांसफर फार्म पर उनके हस्ताक्षर होंगे।