जब कानून के रखवाले ही उड़ाने लगे नियमों की धज्जियां
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यदि बदन पर खाकी वर्दी हो और गाड़ी पर पुलिस लिखा हो तो उसे नियमों का पालन करने की क्या जरूरत है। वे जो करते हैं वही नियम है।
हां यदि वही काम आम आदमी करे तो वही खाकी वर्दीवाले उसे नियमों का पाठ पढ़ाने से नहीं चूकते। सोमवार को सेक्टर-12 लघु सचिवालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
सेक्टर-12 लघु सचिवालय में वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल बनाया गया है। लेकिन सोमवार को यहां डीसी और एसडीएम कार्यालय के बीच बनी गैलरी में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक पुलिस लिखी एक बाइक खड़ी रही।
दरोगा चला रहे बिना नंबर की बाइक
इससे जहां लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही थी वहीं दूसरी ओर किसी पुलिसकर्मी ने उसे वहां से हटाने की जहमत नहीं उठाई।
वहीं दूसरी ओर एक दरोगा बगैर नंबर की बाइक लिए सड़क पर दौड़ते नजर आए। बगैर नंबर की बाइक किसी दूसरे आदमी की होती तो उसका चालान कर दिया जाता।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कानून के रखवाले ही मनमर्जी करेंगे तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है। अमर उजाला द्वारा ली गई तस्वीरें उनकी मनमानी को खुद बयां कर रही है।