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Delhi NCR News: ग्रासरूट खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये मदद देगी सरकार
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- अंडर-14 से अंडर-21 तक के खिलाड़ियों को लाभ, पोषण, यात्रा और उपकरणों पर खर्च कर सकेंगे राशि
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्टेडियमों और स्पोर्ट्स सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों को अब हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस शुरू करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि आर्थिक परेशानी के कारण शुरुआती स्तर पर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से यह सहायता दी जाएगी।
इस राशि का इस्तेमाल खिलाड़ी पोषण, स्थानीय परिवहन, छोटे खेल उपकरण और चिकित्सा जैसी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। योजना का लाभ अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मिलेगा।
हर सेंटर के अधिकतम 25 फीसदी खिलाड़ी पात्र
योजना के तहत किसी सरकारी स्पोर्ट्स सेंटर या स्टेडियम में नियमित रूप से नामांकित प्रशिक्षुओं में से अधिकतम 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को सहायता दी जाएगी। सामान्य तौर पर एक सेंटर या स्टेडियम से अधिकतम 100 खिलाड़ी इसके दायरे में होंगे। बड़े स्टेडियमों में प्रशिक्षुओं की संख्या अधिक होने पर बजट उपलब्धता के आधार पर यह संख्या 150 तक बढ़ाई जा सकेगी।
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आर्थिक स्थिति के साथ प्रदर्शन भी आधार
खिलाड़ियों का चयन केवल आर्थिक जरूरत के आधार पर नहीं होगा। खेल प्रदर्शन, संभावनाओं, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा। खिलाड़ी का नियमित नामांकन जरूरी होगा और कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। सहायता प्राप्त खिलाड़ियों की हर तीन महीने में प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत पहले से स्कूल स्तर के शीर्ष खिलाड़ियों को कोचिंग, उपकरण, प्रतियोगिताओं और पोषण के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक की सहायता मिलती है। वहीं एलीट खिलाड़ियों के लिए सालाना 20 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक कठिनाई के कारण कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपना खेल का सपना अधूरा न छोड़े।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्टेडियमों और स्पोर्ट्स सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों को अब हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस शुरू करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि आर्थिक परेशानी के कारण शुरुआती स्तर पर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से यह सहायता दी जाएगी।
इस राशि का इस्तेमाल खिलाड़ी पोषण, स्थानीय परिवहन, छोटे खेल उपकरण और चिकित्सा जैसी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। योजना का लाभ अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मिलेगा।
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हर सेंटर के अधिकतम 25 फीसदी खिलाड़ी पात्र
योजना के तहत किसी सरकारी स्पोर्ट्स सेंटर या स्टेडियम में नियमित रूप से नामांकित प्रशिक्षुओं में से अधिकतम 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को सहायता दी जाएगी। सामान्य तौर पर एक सेंटर या स्टेडियम से अधिकतम 100 खिलाड़ी इसके दायरे में होंगे। बड़े स्टेडियमों में प्रशिक्षुओं की संख्या अधिक होने पर बजट उपलब्धता के आधार पर यह संख्या 150 तक बढ़ाई जा सकेगी।
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आर्थिक स्थिति के साथ प्रदर्शन भी आधार
खिलाड़ियों का चयन केवल आर्थिक जरूरत के आधार पर नहीं होगा। खेल प्रदर्शन, संभावनाओं, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा। खिलाड़ी का नियमित नामांकन जरूरी होगा और कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। सहायता प्राप्त खिलाड़ियों की हर तीन महीने में प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत पहले से स्कूल स्तर के शीर्ष खिलाड़ियों को कोचिंग, उपकरण, प्रतियोगिताओं और पोषण के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक की सहायता मिलती है। वहीं एलीट खिलाड़ियों के लिए सालाना 20 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक कठिनाई के कारण कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपना खेल का सपना अधूरा न छोड़े।