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जीडीए की स्कीम में होंगे ऑनलाइन आवेदन
आदर्श त्रिपाठी/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 21 Jul 2014 11:53 PM IST
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फाइलों में हेरफेर कर संपत्तियों को ठिकाने लगाने वाले जीडीए बाबुओं, प्रापर्टी डीलर और बिल्डरों के खेल पर नकेल कसने वाली है। भविष्य में जीडीए की योजनाओं में सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही लिए जाएंगे।
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अधिकारियों ने इस बाबत तैयारी तेज कर दी है। आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने के साथ ही अपनी फोटो भी स्कैन कर अपलोड करनी होगी। जीडीए इसी फोटो का आवंटन पत्र, रजिस्ट्री से लेकर सभी जगह इस्तेमाल करेगा।
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जीडीए वीसी प्राधिकरण से जुड़े सभी कामों में पारदर्शिता लाने के लिए नए-नए उपायों को अपना रहे हैं। हेल्पलाइन, ऑनलाइन मैप अप्रूवल, व्हाट्स एप आदि की सुविधाएं इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
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इसी कड़ी में अब आवंटन में पारदर्शिता की कवायद शुरू की गई है। वर्तमान में संपत्ति हड़पने के लिए जीडीए बाबू तरह-तरह के खेल कर रहे हैं।
फाइलों को गायब कर किसी और की फोटो लगाकर फर्जी रजिस्ट्री करा दी जाती हैं। मूल आवंटी को पता ही नहीं चलता कि उसकी संपत्ति बिक भी गई है। प्रापर्टी डीलर एक-एक संपत्ति को कई-कई बार बेच देते हैं।
जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने बताया कहा कि ड्रा और आवंटन की प्रकिया में सुधार के लिए भविष्य में प्राधिकरण की सभी स्कीमों में ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। योजनाओं में सिर्फ ऑनलाइन ही आवेदन होंगे। इससे फाइलों की गड़बड़ी और संपत्तियों की हेराफेरी पर अंकुश लगेगा।
फिर सामने आया बाबुओं का खेल
सोमवार को एक बार फिर जीडीए बाबुओं और प्रापर्टी डीलरों का खेल सामने आया। इंदिरापुरम से आईं दो बहनों ने जीडीए अधिकारियों से एक बाबू और प्रापर्टी डीलर पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए शिकायत की। प्रापर्टी डीलर आवंटित फ्लैट दिलाने केनाम पर दोनों बहनों से करीब दो लाख रुपये ऐंठ चुका है।
दोनों बहनों ने बताया कि 1993 में पिता के नाम एक फ्लैट इंदिरापुरम में आवंटित हुआ था। काफी दिनों बाद उन्हें जब इस आवंटन की बात चली तो वह जीडीए के बाबू से आकर मिलीं। बाबू ने फ्लैट लैप्स हो जाने की बात कहते हुए उन्हें एक प्रापर्टी डीलर से मिलने की बात कही।
उस प्रापर्टी डीलर ने फ्लैट दिलाने के नाम पर अब तक काफी पैसा ले लिया है। बार-बार पैसा मांगे जाने से परेशान दोनों बहनें संयुक्त सचिव से मिलीं। उनकी फाइल दिखवाई गई तो आवंटन सही पाया गया है। अधिकारियों ने फिलहाल जांच की बात कही है।
आरडब्लूए ने की जल्द सिटी क्लब बनवाने की मांग
सोमवार को राजनगर आरडब्लूए के प्रेसीडेंट विनीत शर्मा कई पदाधिकारियों समेत जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले से मिले। उन्होंने राजनगर में कराए जा रहे सिटी क्लब के निर्माण में तेजी लाने का अनुरोध जीडीए सचिव से किया। उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल ने क्लब निर्माण के लिए सभी तरह का सहयोग देने का आश्वासन जीडीए सचिव को दिया।