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PHOTOS: डरा देने वाली है डेंगू-चिकनगुनिया की ये दर्दनाक सच्चाई

Tue, 20 Sep 2016 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 20 Sep 2016 11:40 AM IST
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The crowd resembled the incident, drip bottle in hand, looked around the patient
अस्पताल की हालत - फोटो : अमर उजाला

शहर में चिकनगुनिया और वायरल के मरीजों के लिए जिला अस्पताल प्रबंधन ने दावे तो बहुत किए थे, लेकिन इन दावों की पोल रविवार को देखने को मिली। कहा गया था कि यदि मरीजों की संख्या ज्यादा होगी तो ओपीडी खोली जाएगी। लेकिन रविवार को भीड़ अधिक होने की वजह से ऐसा नहीं हुआ। मरीजों को आपातकाल विभाग में लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ा। इस दौरान विभाग में जहां जगह मिली, वहीं बेड लगा दिए गए। मरीज हाथों में ड्रिप लिए अंदर-बाहर घूमते रहे। (सभी फोटोः लाल स‌िंह/अमर उजाला)

The crowd resembled the incident, drip bottle in hand, looked around the patient
dengue

बदइंतजामी का आलम यह था कि मरीजों को देखने और सुनने के लिए वहां सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद था। जो मरीजों को देख भी रहा था और दवाइयां भी दे रहा था। पेश है अमर उजाला संवाददाता आशुतोष दुबे व फोटोग्राफर लाल सिंह की  रिपोर्ट
सुबह करीब 11:45 बजे
अस्पताल के आपातकाल विभाग में पुरुष व महिलाओं की अलग-अलग लंबी लाइन लगी हुई दिखी। लाइन बेडों के सामने से होते हुई लगी थी। घंटो खड़े होने के बाद उनका नंबर तो आया, लेकिन डॉक्टर उन्हें एक दिन की दवा देकर ओपीडी में दिखाने की बात कहकर टरकाते दिखे।

The crowd resembled the incident, drip bottle in hand, looked around the patient
dengue

दोपहर- 12:00 बजे: डॉक्टर के केबिन तक बिछे बेड 
आपातकाल विभाग में वैसे तो 15 बेड हैं, लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर विभाग में ही बेड लगा दिए गए। रास्ते से लेकर डॉक्टर के केबिन तक बेड बिछे थे। एक बेड पर तीन मरीज लेटे हुए थे। जिसको बेड नहीं मिला, वह हाथ में ड्रिप की बोतल लिए खड़ा दिखा। वहीं कुछ लोग जमीन पर लेटे हुए थे। अव्यवस्था का आलम यह था कि लोग पैसे तक देने को तैयार थे। ओपीडी बंद होने की वजह से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।

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The crowd resembled the incident, drip bottle in hand, looked around the patient
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दोपहर 12:15 बजे : समस्या बताने के लिए मरीज भटके
आलम यह रहा कि लोग अपने बच्चे को गोद में लेकर टहल रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह बेड की कमी थी। ऐसे में लोग अपने बच्चे को गोद में लेकर और हाथ में ड्रिप की बोतल लिए सिर्फ गुहार लगाते दिखे, लेकिन उनकी सुनने वाला तक कोई नहीं था।

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The crowd resembled the incident, drip bottle in hand, looked around the patient
dengue

दूसरी ओर 105 डिग्री बुखार से तप रहे लोगों को घंटों लाइन में खड़े होने के बाद उन्हें दो पैरासिटामोल की टेबलेट देकर कहा जा रहा था कि कल ओपीडी में दिखा देना।

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