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कोर्ट ने सरकार से किया सवाल, पूछा ट्रांसजेंडरों के नाम परिवर्तन में क्या है परेशानी

Wed, 17 Aug 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 17 Aug 2016 12:09 AM IST
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The court questioned the government, asked what the problem in name changed of  transzenders
Narendra Modi

केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडरों के नाम सरकारी रिकॉर्ड में बदलने में असमर्थता जताई है। सरकार ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि लिंग परिवर्तन के बाद नाम परिवर्तन कर दिया जाए। 

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हाईकोर्ट ने इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए सरकार से पूछा कि आखिर ट्रांसजेंडरों के सरकारी रिकार्ड में नाम परिवर्तन करने में परेशानी क्या है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव के समक्ष दोनों ट्रांसजेंडरों ने अलग-अलग याचिका दायर कर सरकारी रिकॉर्ड में अपना नाम परिवर्तन करवाने की मांग की है।
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अदालत ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय को शपथपत्र सहित स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इस मुद्दे पर क्या कोई नियम है या नहीं। इसके लिए गजट में क्या प्रावधान है।
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अदालत ने कहा कि कागज में लिंग परिवर्तन अलग बात है, यहां केवल नाम बदलने का मसला है। दोनों ने अदालत से इस बारे में जवाब दायर करने के लिए समय मांगा। जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अक्टूबर की तारीख तय कर दी। 

'लैंगिक पहचान के चलते किया जा रहा है भेदभाव'

The court questioned the government, asked what the problem in name changed of  transzenders
कोर्ट

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील मोनिका अरोड़ा ने अदालत को बताया कि राइटस ऑफ ट्रांसजेंडर बिल विगत 2 अगस्त को संसद में पेश कर दिया गया है। जिसमें दोनों याचिकाकर्ताओं के लिए समाधान है। 

पेश मामले में याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उसकी लैंगिक पहचान के चलते उसके साथ भेदभाव किया जा रहा है। याची ने अदालत को बताया कि उसकी सेक्सुअल रीअसाइंगमेंट सर्जरी चल रही है। 

याची का दावा है कि 19 वर्ष की उम्र से वह महिला की तरह रह रही है। उसके कपड़े, आवाज व रहन-सहन महिला की तरह है। लेकिन उसके पूर्व के सरकारी कागज व अन्य पहचान पत्रों में उनकी पुरानी फोटो व लिंग दर्शाता है। 

जिससे सोसायटी में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। ऐसे में उन्होंने मंत्रालय व नियंत्रक कार्यालय से सरकारी कागज में अपना नाम व लिंग परिवर्तन के लिए अर्जी दाखिल की, लेकिन उसका नाम परिवर्तन नहीं किया गया। 

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