15 दिनो में पचौरी के खिलाफ दायर होगी चार्जशीट
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हाईकोर्ट ने ऊर्जा और अनुसंधान संस्थान केंद्र (टेरी) के प्रमुख रहे और नवनियुक्त कार्यकारी उपाध्यक्ष आर.के.पचौरी को यौन शोषण मामले में अग्रिम जमानत रद्द की जाए या नहीं, इस मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, पुलिस ने अदालत को बताया कि पचौरी के खिलाफ इस मामले में संभवत: 15 दिनों में आरोपपत्र दायर कर दिया जाएगा।
न्यायमूर्ति एस.पी.गर्ग ने पुलिस को इस मामले से जुड़ी जांच संबंधी पुलिस फाइल दो दिन में पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वे सभी तथ्यों का अध्ययन करने के बाद अपना फैसला देंगे।
सुनवाई के दौरान पुलिस के अधिवक्ता संजय लॉ ने अदालत को बताया कि इस मामले में ड्राफ्ट आरोप पत्र तैयार है और अभियोजन शाखा में उस पर विचार किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के अधिवक्ता प्रशांत मेहंदीरत्ता ने कहा कि टेरी के ही एक अन्य कर्मचारी राहुल ने पुलिस को 12 जनवरी को शिकायत दी थी कि उसे टेरी के अधिकारियों ने पीड़ित महिला से समझौता करवाने के लिए दबाव बनाया है।
किसी भी अधिकारी ने समझौते के लिए दबाव नहीं डाला
उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस तथ्य को अदालत के समक्ष नहीं रखा। वहीं, पुलिस के अधिवक्ता लॉ ने आरोप को गलत बताते हुए कहा कि हमने राहुल के बयान दर्ज किए हैं।
उन्होंने कहा था कि टेरी के वरिष्ठ निदेशक संजय जोशी ने उन्हें महिला से समझौता करवाने का दबाव बनाया था। इसी प्रकार एरिया कन्वीनर रानी सिंह ने भी उसे मामले में अदालत से बाहर समझौते के लिए कहा था।
उन्होंने कहा कि हमने सभी अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने इस तथ्य से इंकार किया कि पचौरी ने उन्हें समझौते के लिए कहा था। उन्होंने कहा हमने तो महिला से मात्र इतना कहा था कि वह मीडिया में संस्थान की बदनामी न करवाएं।
उन्होंने कहा स्वयं पीड़िता ने भी बयान दिया है कि उस पर टेरी के किसी भी अधिकारी ने समझौते के लिए दबाव नहीं डाला। पचौरी के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल ने किसी भी अधिकारी को समझौता करवाने के लिए नहीं कहा।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बिना आधार के अग्रिम जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए। उनके मुवक्किल ने हमेशा पुलिस को जांच में सहयोग किया है।