फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The charge sheet will be filed within 15 days against Pachauri

15 दिनो में पचौरी के खिलाफ दायर होगी चार्जशीट

Fri, 12 Feb 2016 06:27 PM IST
Updated Fri, 12 Feb 2016 06:27 PM IST
विज्ञापन
The charge sheet will be filed within 15 days against Pachauri

हाईकोर्ट ने ऊर्जा और अनुसंधान संस्थान केंद्र (टेरी) के प्रमुख रहे और नवनियुक्त कार्यकारी उपाध्यक्ष आर.के.पचौरी को यौन शोषण मामले में अग्रिम जमानत रद्द की जाए या नहीं, इस मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, पुलिस ने अदालत को बताया कि पचौरी के खिलाफ इस मामले में संभवत: 15 दिनों में आरोपपत्र दायर कर दिया जाएगा।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एस.पी.गर्ग ने पुलिस को इस मामले से जुड़ी जांच संबंधी पुलिस फाइल दो दिन में पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वे सभी तथ्यों का अध्ययन करने के बाद अपना फैसला देंगे।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान पुलिस के अधिवक्ता संजय लॉ ने अदालत को बताया कि इस मामले में ड्राफ्ट आरोप पत्र तैयार है और अभियोजन शाखा में उस पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के अधिवक्ता प्रशांत मेहंदीरत्ता ने कहा कि टेरी के ही एक अन्य कर्मचारी राहुल ने पुलिस को 12 जनवरी को शिकायत दी थी कि उसे टेरी के अधिकारियों ने पीड़ित महिला से समझौता करवाने के लिए दबाव बनाया है।

किसी भी अधिकारी ने समझौते के लिए दबाव नहीं डाला

The charge sheet will be filed within 15 days against Pachauri

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस तथ्य को अदालत के समक्ष नहीं रखा। वहीं, पुलिस के अधिवक्ता लॉ ने आरोप को गलत बताते हुए कहा कि हमने राहुल के बयान दर्ज किए हैं।

उन्होंने कहा था कि टेरी के वरिष्ठ निदेशक संजय जोशी ने उन्हें महिला से समझौता करवाने का दबाव बनाया था। इसी प्रकार एरिया कन्वीनर रानी सिंह ने भी उसे मामले में अदालत से बाहर समझौते के लिए कहा था।


उन्होंने कहा कि हमने सभी अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने इस तथ्य से इंकार किया कि पचौरी ने उन्हें समझौते के लिए कहा था। उन्होंने कहा हमने तो महिला से मात्र इतना कहा था कि वह मीडिया में संस्थान की बदनामी न करवाएं।

उन्होंने कहा स्वयं पीड़िता ने भी बयान दिया है कि उस पर टेरी के किसी भी अधिकारी ने समझौते के लिए दबाव नहीं डाला। पचौरी के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल ने किसी भी अधिकारी को समझौता करवाने के लिए नहीं कहा।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बिना आधार के अग्रिम जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए। उनके मुवक्किल ने हमेशा पुलिस को जांच में सहयोग किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed