फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The Centre has been directed to appoint the Ajmer Sharif Dargah Management Committee within three months.

Delhi NCR News: केंद्र को अजमेर शरीफ दरगाह प्रबंधन समिति तीन माह में नियुक्त करने का निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 08:39 PM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने मेहराज मियां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया निर्देश
विज्ञापन

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को अजमेर शरीफ दरगाह समिति के सदस्यों को तीन महीने के भीतर नियुक्त करने का निर्देश दिया। यह समिति 13वीं सदी की इस प्रसिद्ध दरगाह के प्रबंधन का जिम्मा संभालती है लेकिन 2022 से यह निष्क्रिय है। समिति के अभाव में दरगाह से संबंधित निर्णय केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त नाजिम और सहायक नाजिम ले रहे हैं।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने सरकार को निर्देश दिया कि सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया जाए। कोर्ट ने कहा, प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें और सदस्यों की नियुक्ति यथासंभव तीन महीने के भीतर करें। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि अजमेर शरीफ दरगाह में लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे दरगाह के गर्भगृह (सेंक्टम सैंक्टोरम) को रिकॉर्ड नहीं करेंगे। केंद्रीय सरकार के स्थायी वकील (सीजीएससी) अमित तिवारी ने बताया कि ये कैमरे जेबकटी, उत्पीड़न और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए लगाए जा रहे हैं। मामला सैयद मेहराज मियां द्वारा दायर एक याचिका से संबंधित था, जो अजमेर शरीफ दरगाह के वंशानुगत खादिम हैं। खादिम दरगाह के पारंपरिक संरक्षक होते हैं और इसके प्रबंधन, खोलने/बंद करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। हालांकि, सरकार ने मियां के याचिका दायर करने के अधिकार पर सवाल उठाया।
विज्ञापन



मियां ने अपनी याचिका में दरगाह में सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध किया और केंद्र सरकार को दरगाह प्रबंधन समिति नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की। उन्होंने दरगाह के मौजूदा पदाधिकारियों के कामकाज में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिससे धार्मिक स्थल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। केंद्र सरकार के बयान को दर्ज करने और समिति नियुक्त करने के निर्देश देने के बाद, हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने खादिम को यह स्वतंत्रता दी कि यदि कोई नया कारण उत्पन्न होता है, तो वे नई याचिका दायर कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed