'अधिकारियों को न हो लैपटॉप ले जाने की अनुमति'
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केंद्रीय रक्षा मंत्रालय में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को दफ्तर की ओर से दिये गये लैपटॉप घर ले जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये।
हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उक्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी की अगुवाई वाली खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिये 14 मार्च की तारीख तय की है।
याची ने मामले की सुनवाई में मदद के लिये न्याय मित्र नियुक्त करने का आग्रह भी किया है। याचिका के मुताबिक दफ्तर के लैपटॉप घर ले जाने से रक्षा मंत्रालय का सरकारी डाटा चोरी होने का खतरा है।
गलत हाथों में डाटा जाने का खतरा
यह डाटा गलत हाथों में चला गया तो देश की सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है। इसलिये यह सारे लैपटॉप डिफेंस सिक्योरिटी जोन के बाहर नहीं जाने चाहिये।
पेश याचिका उत्तराखंड निवासी एसके गांधी ने दायर की है। याचिकाकर्ता गांधी रक्षा लेखा विभाग से रिटायर सीनियर ऑडीटर हैं।
याची ने कोर्ट से आग्रह किया है कि रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय में कार्यरत किसी भी शख्स को सरकारी लैपटॉप घर न ले जाने के लिये आदेश जारी किया जाये। इन लैपटॉप में ऐसी कई संवेदनशील जानकारी होती हैं जो बाहरी लोंगों के हाथ नहीं लगनी चाहिये।